बस्ती। ठंड और घने कोहरे में बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। अमर उजाला में सड़क सुरक्षा से संबंधित खबर का संज्ञान डीएम कृत्तिका ज्योत्सना ने लिया है। बृहस्पतिवार को सड़क सुरक्षा समिति में शामिल एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, परिवहन विभाग, यातायात पुलिस की उन्होंने संयुक्त बैठक बुलाई। संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि दुर्घटना बाहुल्य स्थलों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया जाए। इन जगहों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाए।
पिछले एक पखवाड़े में ठंड बढ़ने के साथ ही सड़क हादसों में भी इजाफा हुआ है। 15 दिसंबर की रात में लुंबिनी- दुद्धी मार्ग पर बरगदवां गांव के निकट ट्रक- बस के भिड़ंत में भीषण हादसा हुआ था। इसमें चार लोगों की मौत हो गई और बीस तीर्थयात्री घायल हुए थे। वहीं पखवाड़े भर पहले फुटहिया के पास गन्ना लदा ट्रक पलटने से दंपती की मौत हो गई थी। इसी तरह चार- पांच छिटपुट सड़क हादसे और भी हो चुके हैं।
शासन से सड़क हादसों में कमी लाए जाने के निर्देश के बाद डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने हाईवे समेत सभी ब्लैक स्पॉट यात्री सुरक्षा के बेहतर इंतजाम के लिए एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी और परिवहन विभाग को अहम भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि वाहनों की चेकिंग भी की जाए। भारी एवं ढुलाई वाले वाहनों में पीछे लाइट एवं रिफलेक्टर लगवाया जाए। इसके अलावा सीट बेल्ट एवं हेलमेट पहनकर वाहन चलाना अनिवार्य किया जाए। इस अभियान में यातायात पुलिस भी सहयोग करें। स्कूल वाहनों के फिटनेस आदि की चेकिंग की जाए। डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करें।
इस मौके पर सीडीओ सार्थक अग्रवाल, डीडीओ अजय कुमार सिंह, सीएमओ डाॅ. राजीव निगम आदि मौजूद रहे।
डीएम ने जानी विकास कार्यों की प्रगति
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में चकबंदी, शिक्षा, आंगनबाड़ी, श्रम विभाग, बाल श्रम उन्मूलन, निर्माण कार्य तथा सीएम डैशबोर्ड (विकास) को लेकर संबंधित विभागों की बैठक की गई। डीएम कृत्तिका ज्योत्सना ने चकबंदी कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि धारा 52 से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई करके कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आंगनबाड़ी एवं विद्यालयों की समीक्षा के दौरान विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि इन केंद्रों पर विद्युत कनेक्शन का कार्य पूर्ण कराया जाए। जिला श्रम बंधु समिति एवं बाल श्रम उन्मूलन के लिए ठोस रणनीति बनाई जाए। निरीक्षण दल सक्रिय होकर बाल श्रमिकों की पहचान, उन्हें शिक्षा से जोड़ने तथा पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करें। सीएम डैशबोर्ड (विकास) की समीक्षा के दौरान उन्होंने पीएम सूर्यघर, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह, दशमोत्तर छात्रवृत्ति/ शुल्कप्रतिपूर्ति, जलजीवन मिशन, फैमिली आईडी, आईसीडीएस पोषण अभियान, सेतु निर्माण, नई सड़कों के निर्माण में संतोषजनक प्रगति न पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है।