मीरगंज। थाना क्षेत्र के तिलमास गांव में हरे-भरे पेड़ों की कटाई को लेकर वन विभाग की भूमिका कठघरे में है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि परमिट जारी करने में भारी अनियमितता बरती गई। परमिट में जिन पेड़ों को सूखा और फलहीन दिखाकर कटान की अनुमति ली गई, वे मौके पर पूरी तरह हरे-भरे हैं। सत्य छुपाकर फर्जी रिपोर्ट के आधार पर कटान कराने पर क्षेत्र के लोगों में रोष है।
ग्रामीणों ने बताया कि परमिट में 16 पेड़ों की अनुमति थी, लेकिन गांव वालों के अनुसार लगभग 24 पेड़ काट दिए गए, जिनमें नीम का पेड़ भी शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ काटने के बाद लकड़ी ठेकेदार अब परमिट से अधिक पेड़ों की जड़ें तक उखाड़ने की फिराक में है, ताकि मौके पर किसी भी पेड़ के खड़े होने के सबूत न बचें। ठेकेदार द्वारा लगातार मशीन और मजदूर मौके पर लगाए जा रहे हैं, जिससे लोगों में आशंका बढ़ गई है कि बची हुई जड़ें भी जल्द साफ कर दी जाएंगी।
आम के पेड़ों का परमिट जारी है। परमिट में जिन पेड़ों का उल्लेख है, वही काटे जा रहे हैं। यदि परमिट से अधिक पेड़ काटे जाने या जड़ें उखाड़ने की शिकायत मिलती है, तो कार्रवाई की जाएगी।
- संतोष मठपाल, रेंजर