खिलाड़ियों की सुरक्षा पर भी सवाल
कॉम्प्लेक्स में बैडमिंटन, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कुश्ती और बॉक्सिंग जैसे कई खेलों के लिए आधुनिक कोर्ट बनाए गए हैं। यहां पर प्रतियोगिताएं भी होती हैं। कॉम्प्लेक्स में पड़ रहीं दरारों के बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सवालों के घेरे में हैं ये परियोजनाएं
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पटेल चौक पर 12 करोड़ की लागत से तीन साल पहले बनकर तैयार हुआ स्काईवॉक अपनी उपयोगिता साबित करने में अब तक नाकाम रहा है। न तो जनता को इससे कोई लाभ हुआ, न ही नगर निगम को।
सिविल लाइंस में 11 करोड़ रुपये से संजय कम्युनिटी सरोवर का सुंदरीकरण किया गया था, यह भी बदहाल है। इसके संचालन के लिए नगर निगम ने निविदा जारी की, लेकिन ऊंची दरों के कारण एजेंसियों ने रुचि नहीं दिखाई। स्मार्ट सिटी की मल्टी लेवल पार्किंग का भी संचालन नहीं हो पा रहा है।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि बिल्डिंग के आसपास पानी भर जाने के कारण दीवार का प्लास्टर उखड़ गया है। टीम को मौके पर भेजकर जांच कराकर रिपोर्ट मांगी गई है।
डिवाइडर से उखड़ी ग्रीन नेट, सुंदरता हुई बदरंग
शहर की सड़कों को सुंदर और हरा-भरा दिखाने के लिए पटेल चौक से चौपुला पुल तक डिवाइडर के बीचों-बीच पेड़ों की सुरक्षा और हरियाली को सहेजने के लिए लगाई गई ग्रीन नेट अब जगह-जगह से उखड़ चुकी हैं। देखरेख के अभाव में यह प्रोजेक्ट दम तोड़ रहा है। इससे शहर की सुंदरता पर असर पड़ रहा है।
कुछ समय पहले ही लाखों रुपये खर्च कर ग्रीन नेट लगाई गई थी। अब कुछ जगहों पर यह नेट पूरी तरह से फट चुकी है तो कहीं डिवाइडर पर बेतरतीब लटक रही है। स्वच्छता मिशन से जुड़ी टीमों के संभावित निरीक्षण और शहर में आगमन से ठीक पहले आनन-फानन में यह नेट लगवाई गई थी, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के कारण यह प्रयास कुछ ही दिनों में दम तोड़ गया। नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि नेट को दिखवाकर उसे ठीक कराया जाएगा।