क्यों लिया गया यह फैसला?
जिलाधिकारी अविनाश सिंह की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में बताया गया है कि सावन के सोमवार को विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के लिए कांवड़ियों व श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ता है। इस दौरान शहर के मुख्य मार्गों पर जाम और भारी भीड़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे माहौल में स्कूली बच्चों को आवागमन में न केवल भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है, बल्कि दुर्घटना का अंदेशा भी बना रहता है। बच्चों की इसी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
किन संस्थानों पर लागू होगा आदेश?
यह आदेश जनपद के कई प्रमुख क्षेत्रों और संस्थानों पर लागू होगा। बरेली महानगर के अंतर्गत आने वाले यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई सहित सभी बोर्डों के विद्यालय। क्षेत्र के सभी डिग्री कॉलेज, आईटीआई, पॉलीटेक्निक और अन्य तकनीकी संस्थान। शहर के दिल्ली रोड और बदायूं रोड के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी शिक्षण संस्थान।
स्टाफ और परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
प्रशासन ने अपने आदेश में कुछ विशेष दिशा-निर्देश भी स्पष्ट किए हैं। यह अवकाश केवल छात्र-छात्राओं के लिए है। विद्यालयों और कॉलेजों का समस्त शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक स्टाफ शासकीय कार्यों के निष्पादन हेतु नियमित रूप से उपस्थित रहेगा। यदि किसी बोर्ड, विश्वविद्यालय या आयोग द्वारा पहले से कोई परीक्षा इन दिनों में निर्धारित की गई है, तो वह रद्द नहीं होगी और अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही संपन्न कराई जाएगी।
जिला प्रशासन का यह कदम कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने और शहर में यातायात व कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने की दिशा में एक अहम पहल है।