सोशल मीडिया का मुद्दा सबसे अहम
उर्स में होने वाली तकरीरों में सबसे अहम मुद्दा सोशल मीडिया का होगा। उलेमाओं का मानना है कि सोशल मीडिया फसाद की जड़ है जो तिल का ताड़ बना देती है और बेवजह कई मुस्लिम युवा उसमें फंस जाते हैं। इसके बाद फिर कानूनी दांव पेंच का सामना करना पड़ता है।
मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि तकरीरों के विषय तय हैं, लेकिन सोशल मीडिया अहम रहेगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ, आपत्तिजनक, भावनाओं को आहत करने व देश व दुनिया के अमन-चैन और शांति को प्रभावित करने वाली गैरकानूनी सामग्री को अपलोड व उसे फारवर्ड करने से बचने और सोशल मीडिया के उपयोग में सावधानी बरतने की नौजवानों से उलमा अपील करेंगे।
इसके अलावा मुस्लिमों से अपील की जाएगी कि छोटे-छोटे मामलों को लेकर थाना, कोर्ट कचहरी के चक्कर न लगाए। इन्हें घर, मोहल्लों के बड़ों के सामने बैठकर ही सुलझा लें। दुष्कर्म व महिलाओं के प्रति बढ़ रही घटनाओं के प्रति सावधान रहना होगा। शिक्षा के क्षेत्र में मुस्लिमों को आगे बढ़ना होगा, इसके लिए क्या करे यह भी बताया जाएगा। शादियों में बैंड बाजे की फिजूलखर्ची को कम करने की अपील भी की जाएगी।
पौधे लगाने का आह्वान
उर्स के मौके पर काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी ने जमात रजा मुस्तफा से देशभर में पौधे लगाने का आह्वान किया है। उर्स प्रभारी सलमान हसन खान ने बताया कि काजी-ए-हिंदुस्तान की ओर से यह अपील देशभर के उलमा से भी की जाएगी। देश विदेश से आने वाले उलमा अभियान के तहत पौधे लगाने पर जोर देंगे।
उर्स-ए-रजवी की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने बृहस्पतिवार को पुलिस अधिकारी इस्लामिया इंटर कॉलेज पहुंचे। एसपी सिटी राहुल भाटी, सीओ प्रथम श्वेता सिंह और इंस्पेक्टर कोतवाली धर्मेंद्र सिंह ने आधे घंटे तक वहां चप्पे-चप्पे का निरीक्षण किया। उनके साथ टीटीएस के पदाधिकारी मौजूद रहे।