शीशगढ़। क्षेत्र में करीब पांच डग्गामार बसें नियमों को रौंद रही हैं। यही नहीं बस परिचालक यात्रियों से मनमाफिक किराया वसूलते हैं। बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
लोगों के अनुसार, क्षेत्र से लगभग पांच डग्गामार डबल डेकर बसें रोजाना सवारियां भरकर दिल्ली के लिए निकलती हैं, जो नियमों को सड़क पर रौंदते हुए चल रही हैं। अमर उजाला की पड़ताल में पता लगा कि शीशगढ़ कस्बे से पांच डग्गामार बसें रोजाना दिल्ली के लिए अवैध स्टैंड से रवाना होती है। यही नहीं ये बसें व्यापारियों के कपड़ों का स्टॉक, स्पेयर पार्ट्स जैसे अन्य सामान लेकर आते-जाते रहते हैं। इन बसों में सवारियों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
डग्गामार बसों में सवारियों से मनमाने रुपये वसूले जाते हैं। पहली डग्गामार बस शीशगढ़ के मानपुर से सुबह सात बजे ,दूसरी डग्गामार डबलडेकर बस गांव सहोड़ा से सुबह नौ बजे, तीसरी बस कस्बा के मोहल्ला गौड़ी से दोपहर दो बजे, चौथी कस्बे के मदीना मार्केट से रात नौ बजे,पांचवीं बस रात 10 बजे, शीशगढ़ के बिलासपुर अड्डा से अवैध सामान और अवैध स्टैंड बना कर सवारियां भर कर दिल्ली के लिए जाती हैं। आए दिन डग्गामार बसों में झगड़ों के भी मामले आ चुके हैं। गौरतलब है कि बीते दिन डबल डेकर बस पिकअप को बचाने में खाई में गिरी थी, जिसमें लगभग 12 यात्री घायल हुए थे।
डग्गामार बसें बंद हों तो रोडवेज बसों की इनकम बढ़ेगी
दिल्ली के लिए चलने वाली रोडवेज रोडवेज बस के कंडक्टर जितेंद्र शर्मा ने बताया कि इन डग्गामार बसों के चलने के कारण रोडवेज की इनकम बहुत कम हो गई है। डग्गामार बसें अगर बंद हो जाए तो रोडवेज बसों की इनकम बढ़ जाएगी।
शीशगढ़ क्षेत्र में अभियान चलाकर की जाएगी कार्रवाई
अवैध रूप से संचालित हो रहीं स्लीपर बसों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। पिछले 15 दिनों में 20 बसों का चालान करके करीब 10 लाख रुपये जुर्माना भी वसूला गया है। अगर किसी बस में नियमों की अनदेखी मिलती है तो उस पर कार्रवाई होगी। शीशगढ़ क्षेत्र में अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।- वैभव श्रोत्रिय, एआरटीओ प्रवर्तन