मीरगंज। विकासखंड क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन को मजबूती देने की दिशा में कदम उठाया गया है। वित्तीय वर्ष 2024–25 में जिन ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण केंद्रों (आरआरसी) का निर्माण अधूरा रह गया था, उनका कार्य अब प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा।
इसके साथ ही जिन पंचायतों को अब तक कूड़ा संग्रहण के लिए ई-रिक्शा उपलब्ध नहीं हो सके थे। वहां भी शीघ्र ई-रिक्शा खरीदे जाएंगे। यह जानकारी एडीओ पंचायत वीरपाल सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि विकासखंड की स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी पंचायतों की स्थिति का आकलन किया जा चुका है। निर्माण में देरी, तकनीकी कारणों या बजट संबंधी समस्याओं के चलते, जो कूड़ा निस्तारण केंद्र अधूरे रह गए थे, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराकर संचालित किया जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के गांवों में कई केंद्र हैं, लेकिन वहां अभी तक कूड़ा निस्तारण का काम शुरू नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्र स्वच्छता के मुहिम में पिछड़ रहा है।
एडीओ पंचायत ने बताया कि कूड़ा निस्तारण केंद्रों के पूर्ण होने से गीले व सूखे कचरे का पृथक्करण, सुरक्षित भंडारण और निस्तारण संभव हो सकेगा। इससे खुले में कचरा फेंकने की समस्या पर अंकुश लगेगा और गांवों की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार आएगा। वहीं, ई-रिक्शा उपलब्ध होने से घर-घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहण किया जा सकेगा, जिससे ग्रामीणों को भी स्वच्छ वातावरण मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर सफाई कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे और कचरा प्रबंधन की निगरानी भी की जाएगी। स्वच्छता से जुड़े इन कार्यों के पूरा होने के बाद मीरगंज विकासखंड की ग्राम पंचायतें स्वच्छता के मानकों पर और बेहतर काम कर सकेंगी। संवाद