राजनीतिक संरक्षण में मकान खाली करने का दबाव बना रहे थे आरोपी
आशुतोष का कहना है कि उनके पिता दिल के मरीज थे। उनके चाचा का घर उनके घर के बिल्कुल पीछे है। उनके चाचा चार लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे थे। वार्ड नंबर 42 का पार्षद चंद्रप्रकाश गुप्ता, पार्षद का बेटा अभिषेक गुप्ता समेत निशांत गुप्ता, बंटी गुप्ता, शिवा गुप्ता, सोनू गुप्ता, विजय गुप्ता उनके पिता पर मकान खाली करने का दबाव बना रहे थे। आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण हासिल है। विष्णु गुप्ता, कौशिश गुप्ता और तहेरा भाई निशांत गुप्ता रात 2:30 बजे भी उनके दरवाजे पर आए। गालियां दीं और दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। इसका वीडियो भी आशुतोष के पास है।
सुनियोजित तरीके से दिया घटना को अंजाम
आशुतोष का कहना है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया। बुधवार रात भी वह उनके पिता पर हमला करने आए थे, लेकिन कामयाब नहीं हुए। राजनीतिक संरक्षण में बृहस्पतिवार को फिर धावा बोल दिया। उनके पिता को तीसरी मंजिल से फेंक दिया, ताकि हत्या को हादसा दर्शाया जा सके।
सीओ द्वितीय अंजनी कुमार ने बताया कि मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा है। मृतक के बेटे की तहरीर पर 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।