परिजन के मुताबिक सचिन लंबे समय से भाजपा से जुड़े थे और क्षेत्र के लोगों की छोटी-मोटी समस्याओं के समाधान में मदद करते थे। कुछ साल पहले तक वह प्रिंटिंग प्रेस में कर्मचारी रहे। परिवार की हालत ठीक नहीं है। सचिन के पिता और दो भाई रोडवेज स्टैंड पर पानी बेचते हैं। करीब दस साल पहले सचिन की शादी हुई और उनकी दो बेटियां व एक बेटा है।
त्योहार की खुशियां पलभर में मातम में बदलीं
सचिन की हत्या की खबर घर पहुंचते ही रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदल गईं। उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्होंने बताया कि आठ भाई-बहनों में सचिन सबसे बड़ा था। रक्षाबंधन पर घर में मेहमान आए हुए थे। अचानक बेटे की हत्या से परिवार में कोहराम मच गया।