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Bareilly News: छह माह भी ठीक से नहीं चला 12.5 करोड़ का पवन विहार उपकेंद्र

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बरेली में हरूनगला उपकेंद्र का भार कम करने के लिए पवन विहार में 12.5 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया नया विद्युत उपकेंद्र छह माह भी ठीक से नहीं चल सका। गर्मी शुरू होते ही यहां ब्रेकडाउन आम बात हो गई है। इससे उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं।
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अक्तूबर 2025 में पवन विहार उपकेंद्र की शुरुआत हुई थी। पांच-पांच एमवीए के दो ट्रांसफार्मरों के जरिये पवन विहार, लक्ष्य, विस्तार और सेटेलाइट फीडरों से जुड़े चार हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जा रही है। उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि उन्हें बेहतर आपूर्ति मिलेगी, लेकिन पहली ही गर्मी में उन्हें जागकर रात बितानी पड़ रही है। दिन में भी सुकून नहीं मिल रहा है।
निगम का दावा है कि यहां 230 एंपियर लोड है, जबकि यह इसका दोगुना लोड सह सकता है। 11 केवी फीडर में ट्रांसफार्मर, तार व खंभों से दिक्कतें आ रही हैं। हकीकत इसके विपरीत है। शनिवार रात पवन विहार फीडर का फेस उड़ने से लाइट चली गई। रविवार सुबह 5:30 बजे बिजली आई, पर 7:30 बजे फिर कट गई। इसके बाद सुबह 11 बजे बिजली आई। कारण लोकल फॉल्ट बताया गया।
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हरूनगला उपकेंद्र से 10-10 एमवीए के तीन ट्रांसफार्मरों से बाइपास, टीपीनगर, रामगंगानगर, हरूनगला, सुपर सिटी, गोल्डन, यूनिवर्सिटी, न्यू सुपर सिटी फीडर का संचालन किया जाता है। निगम का दावा है कि उपकेंद्र पर अभी 715 एंपियर लोड है, जबकि इसकी क्षमता 1400 एंपियर की है। यहां पर उपभोक्ताओं की संख्या 12 हजार से अधिक है। हकीकत की बात करें तो हरूनगला उपकेंद्र से पोषित रामगंगानगर सेक्टर नौ में सत्यम एन्क्लेव की बिजली सुबह 6 से 11 बजे तक गुल रही।
वर्जन
उपकेंद्र में सिर्फ एक दिन का ब्रेकडाउन हुआ है। वर्तमान में लोड अधिक नहीं है। समस्या फीडरों से आ रही है। ट्रांसफार्मर, तार, खंभों को ठीक कर लिया जाएगा तो समाधान हो जाएगा। - राजवीर सिंह, अधिशासी अभियंता, 33 केवी वर्टिकल

लापरवाही पर लाइमैन की संविदा समाप्त, जेई की रोकी वेतनवृद्धि

बरेली। सेटेलाइट बस अड्डे के समीप ट्रांसफार्मर पर तीन फेस एक साथ लगाने के मामले में चार लोग दोषी पाए गए। इसमें लाइनमैन की संविदा समाप्त कर जेई की वेतनवृद्धि रोकी गई है। दो अन्य अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
सेटेलाइट बस अड्डे के पास संविदा लाइनमैन द्वारा एक ट्रांसफार्मर से तीन फेस चलाए जाने से वह आए दिन फुंक जा रहा था। उच्चाधिकारियों ने जांच की तो पता चला कि ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड है। इस पर मामले की शिकायत की गई। विद्युत वितरण खंड प्रथम के मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी। शनिवार को जांच रिपोर्ट मिली। इसमें संविदा लाइनमैन को सीधे तौर पर दोषी ठहराया गया है। उसकी संविदा समाप्त कर दी गई। लापरवाही मिलने पर जेई साबिर खान की वेतन वृद्धि रोक दी गई है। अधिशासी अभियंता नितिन कुमार व एसडीओ सुभाष पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने यह जानकारी दी है। ब्यूरो
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