रामनगर। भरसवां गांव के चौकीदार राजेश यादव (55) की मंगलवार रात रामनगर कोतवाली से ड्यूटी से घर लौटते समय लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। राजेश के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने सगे भाई शुभम, बाबू, इनके पिता कैलाश श्रवण और कुलदीप के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शराबियों की शिकायत करना ही राजेश को भारी पड़ा।
रामू यादव ने बताया कि उनके पिता राजेश यादव गांव के चौकीदार थे। मंगलवार को वह ड्यूटी के लिए रामनगर कोतवाली गए थे। शाम करीब सात बजे कोतवाली से वापस लौट रहे थे। गांव से पहले मुख्य रास्ते पर सहजराम की मेंथा टंकी के पास आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि सभी ने गालीगलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया। शोर सुनकर राजेश के भतीजे मौके पर पहुंचे।
उन्होंने आरोपियों को भागते हुए देखा। इसके बाद गांव के वीर, शिवपाल व अन्य लोगों ने गंभीर रूप से घायल राजेश को रामनगर कोतवाली पहुंचाया। वहां से उन्हें सीएचसी रामनगर भेज दिया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां देर रात उन्हें मृत घाेषित कर दिया गया। रामू का आरोप है कि उनके पिता गांव में शराब पीने वालों के खिलाफ पुलिस से शिकायत करते थे। इसी बात को लेकर आरोपी उनसे चिढ़ते थे।
आरोप है कि घटना के समय हमलावर नशे में थे। रामनगर के एसएचओ अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि चौकीदार की आरोपियों से कोई पुरानी रंजिश सामने नहीं आई है। प्रथम दृष्टया घटना नशे की हालत में हमले का परिणाम लग रही है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके घरों पर दबिश दी जा रही है। चौकीदार राजेश की हत्या के बाद पोस्टमार्टम हाउस में मिले उनके पुत्र रामू काफी सहमे थे। रामू ने बताया कि मां का बहुत पहले निधन हो चुका है। वह इकलौते पुत्र हैं। उन्होंने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।