बाराबंकी। 10वीं और 12वीं में मेरिट में आने वाली छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि परीक्षा की तैयारी करते वक्त आत्म मूल्यांकन करते रहें, सफलता जरूरी मिलेगी। अनुशासन, मेहनत और लगन से कठिन से कठिन लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मेधावियों ने कैसे तैयारी और क्या लक्ष्य निर्धारित किया है, उनकी कहानीं... उन्हीं की जुबानीं
इंजीनियर बनना लक्ष्य
परीक्षा में सफलता के लिए प्रतिदिन सात से आठ घंटे पढ़ाई की। खुद को सोशल मीडिया से दूर रखा। गणित और अंग्रेजी पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया। आगे चलकर इंजीनियर बनना चाहती हूं।
अंशिका वर्मा, 10वीं की टॉपर
सभी विषयों को बराबर समय दिया
स्कूल में जो पढ़ाया गया, उसी का घर पर रिवीजन किया। सभी विषयों को बराबर समय दिया। घर पर चार से पांच घंटे पढ़ाई की। डॉक्टर बनना चाहती हूं। मैं अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों और अभिभावकों को देती हूं।
अदिति, 10वीं की सेकेंड टॉपर
पढ़ाई पर फोकस करना जरूरी
जीवन में सफलता होने के लिए पढ़ाई पर फोकस करना होगा। मैंने सात से आठ घंटे पढ़ाई, जिसका परिणाम सामने आए है। इंजीनियर बनना है, इसलिए आगे भी इसी तरह मेहनत करूंगी।
परी वर्मा, 10वीं में तीसरा स्थान
स्कूल में पढ़ा, घर में रिवीजन किया
स्कूल में सभी विषयों को अच्छे से पढ़ाया गया। घर पर चार से पांच घंटे पढ़ाई की। बार-बार सभी विषयों का रिवीजन किया। सारा पाठ्यक्रम समझ लिया, तभी अच्छा परिणाम आया। कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करना चाहती हूं।
श्रेया, 12वीं की 2 टॉपर
नियमित अभ्यास से मिली सफलता
मेरा हमेशा पढ़ाई पर फोकस रहा। बोर्ड एग्जाम के लिए नियमित अभ्यास किया न की परीक्षा करीब आने पर। परीक्षा से पूर्व पाठ्यक्रम का रिवीजन किया। आगे चलकर इंजीनियर बनना चाहती हूं।
पूजा पाल, 12वीं की 3 टॉपर
नरेंद्र मोदी आदर्श नेता
इंटरव्यू के दौरान 10वीं की टॉपर अंशिका वर्मा ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना आदर्श नेता बताया। उनसे जब पूछा गया कि आपका सबसे प्रिय राजनेता कौन है, तब उन्होंने तुरंत प्रधानमंत्री का नाम लिया।