बाराबंकी। गैंगस्टर एक्ट के करीब 15 साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट विनय आर्या की कोर्ट ने आरोपी कलीम और नफीस को दोषमुक्त करार दिया है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी कलीमुल्लाह की मौत हो गई थी।
अभियोजन के अनुसार वर्ष 2011 में बाराबंकी रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाने के प्रभारी विश्वनाथ यादव ने बहराइच के जरवल रोड थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद निवासी कलीम, गोंडा जिले के कटरा बाजार थाना क्षेत्र के उर्दी गोंडा हाता निवासी नफीस और इसी क्षेत्र के कलीमुृल्ला के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि आरोपी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में चोरी व लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि अभियोजन आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके कथित कृत्यों से समाज में आतंक उत्पन्न होने के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। अभियोजन यह भी साबित नहीं कर पाया कि आरोपी गैंग के सदस्य थे।