बाराबंकी। जिला अस्पताल में इलाज मिलना तो दूर मंगलवार को पर्चा बनवाने में ही मरीजों को पसीना छूट गया। चार घंटे नेटवर्क बाधित रहने से मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान सैकड़ों मरीजों के पर्चे हाथ से बनाए गए। वहीं भीड़ के चलते कई मरीज तो बिना इलाज के ही लौट गए।
जिला अस्पताल में मंगलवार को 1,854 मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे। नेटवर्क में आई समस्या से घंटों लाइन में लगने के बाद भी पर्चा न बनने से निराश मरीज बिना इलाज के ही लौट गए। सुबह आठ बजे से ही लाइन में लगे गिरधारी, हाशिम, निर्मला व कौशल ने बताया कि दो घंटे लाइन में लगने के बाद हाथ से पर्चा बनाकर दिया गया। वहीं दो घंटे डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में बीत गए। इस तरह से करीब चार घंटे बाद इलाज मिल सका।
रामप्रसाद, प्रदीप और सत्येंद्र ने बताया कि आए दिन नेटवर्क बाधित रहने से मरीजों को दिक्कताें का सामना करना पड़ता है लेकिन अस्पताल प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। इस दौरान सबसे ज्यादा मरीज सर्दी, जुकाम के 359, बुखार के 427, पेटदर्द के 297, बदनदर्द के 389, हड्डीरोग के 267 व नेत्ररोग के 192 मरीज देखे गए। वहीं रामकुमारी, नाहिद, जसमीन व प्रवेश आदि भीड़ अधिक होने की वजह से बिना इलाज के ही लौट गए।
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कल आइए कहकर किया वापस
डॉक्टर को दिखाने के बाद जांच कराने पहुंचे हैदर अब्बास, कुलदीप व शिवकुमार आदि ने बताया कि पैथोलॉजी पर मौजूद कर्मियों ने कहा कि अब समय बीत गया है कल आना और जांच किए बिना ही वापस कर दिया। ऐसा पहली बार नहीं हुआ अक्सर यहां पर मरीजों को समय निकलने की बात कहकर वापस कर दिया जाता है।
वर्जन
नेटवर्क की समस्या का हल निकालने का प्रयास चल रहा है, जल्द ही इसका हल निकाल लिया जाएगा। मरीजों की संख्या बढ़ने का कारण मौसम में तेजी से बदलाव है।
डॉ. जेपी मौर्य, सीएमएस जिला अस्पताल