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Balrampur News: मनरेगा के नाम पर खाते खुलवाकर करते थे करोड़ों की साइबर ठगी

Wed, 19 Aug 2026 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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फोटो-9-पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मौजूद पकड़े गए आरोपी ।-स्रोत : विभाग
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बलरामपुर। मनरेगा कार्ड बनवाने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर ग्रामीणों के बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगी में इस्तेमाल करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पचपेड़वा पुलिस ने औरहवा निवासी सलमान खान और अबु हमजा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सात बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। जांच में तीन खातों से बेहद कम समय में करीब एक करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है। इन खातों से देशभर में दर्ज 15 ऑनलाइन साइबर शिकायतों के तार भी जुड़े मिले हैं।
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एसपी विकास कुमार ने बताया कि 18 अगस्त को औरहवा निवासी कौशल खान ने पुलिस से शिकायत की थी। उसने बताया कि करीब दो वर्ष पहले सलमान और अबु हमजा ने मनरेगा कार्ड बनवाने और सरकारी योजनाओं का पैसा खाते में आने का झांसा देकर आधार व पैन कार्ड लिए थे। इसके बाद एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवाया गया। एटीएम और पासबुक डाक से आने की बात कही गई। बैंक पहुंचने पर कौशल को पता चला कि उसके खाते में साइबर ठगी की रकम का लेनदेन हुआ है और खाते पर साइबर अपराध की शिकायत दर्ज है। इसके बाद पचपेड़वा थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई।
इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर क्रिप्टो निवेश का देते थे झांसा
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों के बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद बैंक किट, मोबाइल नंबर और पहचान संबंधी दस्तावेज अपने पास रख लेते थे। इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने के बाद उसके फॉलोअर और परिचितों को क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर कम समय में अधिक मुनाफे का लालच दिया जाता था। ठगी की रकम म्यूल खातों में मंगाकर दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी, ताकि रकम के स्रोत का पता न चल सके।
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दो मोबाइल समेत कई दस्तावेज बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो एंड्राइड मोबाइल फोन, एक चेकबुक, एक मनरेगा जॉब कार्ड, एक पैन कार्ड, तीन आधार कार्ड और 9,050 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और दूसरे बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है।

गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में जुटी पुलिस
एसपी विकास कुमार ने बताया कि साइबर अपराध के हॉटस्पॉट और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपी बैंक खाते उपलब्ध कराने और साइबर ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर करने के नेटवर्क में शामिल पाए गए हैं। सात खातों से गिरोह के तार जुड़े मिले हैं। इनमें तीन खातों की जांच में करीब एक करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है। देशभर की 15 ऑनलाइन साइबर शिकायतें भी इन खातों से जुड़ी मिली हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
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