सेहरीवा गांव में इसी स्थान पर हुआ था वनकर्मियों पर हमला।
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महराजगंज तराई क्षेत्र के सेहरीवा गांव में अवैध सागौन कटान की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर आरोपियों ने हमला कर दिया। कटान रुकवाकर ट्रैक्टर और कटर मशीन जब्त कर लौट रही टीम को रास्ते में घेरकर पिटाई की गई। आरोपियों ने वनकर्मियों की वर्दी फाड़ दी और सरकारी कार्रवाई से संबंधित अभिलेख भी नष्ट कर दिए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। वन दरोगा की तहरीर पर कई नामजद समेत अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
वन दरोगा कुशाग्र पाठक ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 3:15 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि सेहरीवा गांव में अवैध रूप से सागौन के पेड़ों की कटाई की जा रही है। सूचना पर वह वन दरोगा गौरव मिश्रा तथा वन रक्षक मनीष सिंह और अजय शुक्ला के साथ मौके पर पहुंचे। वहां रंजीत कुमार शुक्ला और लालजी सिंह कथित रूप से कटान कराते मिले। टीम ने कटान का परमिट और अन्य अभिलेख मांगे, लेकिन कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
जांच के दौरान मौके पर 26 सागौन के कटे हुए ठूंठ मिले। कुछ लकड़ियां घटनास्थल पर पड़ी थीं, जबकि अधिकांश लकड़ी हटाई जा चुकी थी। वन विभाग ने कटान में प्रयुक्त ट्रैक्टर और कटर मशीन को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय ले जाने की प्रक्रिया शुरू की। आरोप है कि महादेव गोसाई चौराहे से आगे रामस्वरूप गांव के पुल के पास रंजीत शुक्ला, संगमलाल और उनके पांच-छह साथियों ने मोटरसाइकिलों व अन्य वाहनों से वन विभाग की टीम का रास्ता रोक लिया।
आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए वनकर्मियों की पिटाई की, सरकारी कार्रवाई से संबंधित फर्द छीनकर फाड़ दी तथा वर्दी भी फाड़ दी। साथ ही जान से मारने और दोबारा क्षेत्र में आने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने जब्त ट्रैक्टर और कटर मशीन छुड़ाने का भी प्रयास किया। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि वन विभाग की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।