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UP News: बॉर्डर पर फर्जी आधार कार्ड रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, नेपाल भागने की फिराक में था; STF ने दबोचा

Fri, 12 Dec 2025 03:49 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच

सार

एसटीएफ ने नेपाल बॉर्डर पर फर्जी आधार कार्ड रैकेट के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया। यह नेपाल भागने की फिराक में था। इससे पहले एसटीएफ ने इसे दबोच लिया। इसके कब्जे से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व दस्तावेज बरामद हुए हैं। 
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आरोपी प्रमोद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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यूपी के बहराइच में शुक्रवार को फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को एसटीएफ ने रजनवा बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पोर्टल के माध्यम से फर्जी जन्म और निवास प्रमाण पत्र तैयार करके आधार कार्ड बनाने में इस्तेमाल कर रहा था। अब तक उसने बॉर्डर पर ढाई हजार से अधिक लोगों के फर्जी आधार कार्ड बनाने का खुलासा किया है।

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यूपी एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में अवैध तरीके से आधार कार्ड बनाकर लोगों को बेचे जाने की सूचनाएं मिल रही थी। मामले की जांच कराई गई तो पता चला कि मुर्तिहा थाना क्षेत्र में 29 अक्तूबर 2025 को दर्ज मामले में इस रैकेट के कई सदस्य पहले ही पकड़े जा चुके हैं। 

नेपाल भागने की फिराक में था सरगना

उनकी पूछताछ में प्रमोद निषाद का नाम प्रमुख रूप से सामने आया था। इस पर साइबर एक्सपर्ट समेत कई टीमों को लगाया गया तो पता चला कि फर्जी आधार कार्ड बनाने के गैंग का सरगना प्रमोद नेपाल भागने की फिराक में है। इस पर टीम ने मुर्तिहा कोतवाली क्षेत्र में घेराबंदी की। 

शुक्रवार तड़के करीब 4:30 बजे गैंग के सरगना सेमरी मलमला गांव निवासी प्रमोद कुमार निषाद को नेपाल भागने की कोशिश करते समय रजनवा नेपाल बॉर्डर से दबोचा गया। आरोपी प्रमोद के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज, बायोमैट्रिक व रेटिना स्कैनर, वेबकैम, चेकबुक, एटीएम कार्ड, एक आधार कार्ड, 2680 रुपये नकद तथा एक कार बरामद हुई है। पकड़े गए प्रमोद को भी मुर्तिहा कोतवाली में पहले से दर्ज मुकदमे में शामिल कर दिया गया है।

एएसपी ने बताया कि आरोपी के बैंक खातों और वॉलेट की जांच शुरू कर दी गई है। पोर्टल डेवलपर, आईडी सप्लायर और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। बरामद लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। मामले में और जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं उन्हें भी पकड़ा जाएगा।

टेलीग्राम-व्हाट्सऐप के जरिए मिला फर्जी पोर्टल

पूछताछ में प्रमोद ने बताया कि उसने वर्ष 2021 में जनसेवा केंद्र खोलकर ऑनलाइन काम शुरू किया। करीब एक वर्ष पहले टेलीग्राम पर उसकी बातचीत अकील सैफी नाम के व्यक्ति से हुई। इसने आधार कार्ड बनाने और डिजिटल प्रमाणपत्र तैयार करने का पोर्टल देने की बात कही। प्रमोद ने 35 हजार रुपये अकील सैफी को फोन पे से भेजकर आईडी-पासवर्ड और पूरा सिस्टम एनी डेस्क के माध्यम से सेट करवा लिया।
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तीन माह में दो हजार से अधिक फर्जी आधार किए तैयार

एसटीएफ द्वारा पकड़े गए प्रमोद ने बताया कि इस वर्ष जनवरी से मार्च माह तक उसने करीब 2,500 फर्जी आधार कार्ड बनाए हैं। इसके लिए वह फर्जी तरीके से जन्म, निवास प्रमाणपत्र पोर्टल पर डिटेल डालता था। कुछ ही मिनट में फर्जी प्रमाणपत्र तैयार हो जाते थे। इन्हीं दस्तावेजों का उपयोग करके वह 0–18 वर्ष तक के लोगों के नए आधार कार्ड बना देता था। पुराने आधार में संशोधन भी करता था।

कई लोगों को उपलब्ध कराया फर्जी आईडी-पासवर्ड

प्रमोद ने स्वीकार किया कि उसने अपने जानने वालों को भी एनी डेस्क के जरिए यह पोर्टल और आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराए। एक आईडी के लिए वह 45 हजार रुपये लेता था। जबकि, 35 हजार रुपये अकील सैफी को देता था। प्रत्येक आईडी से रोजाना 20–25 आधार कार्ड बनाए जाते थे। कुल मिलाकर इस गिरोह द्वारा 18–19 हजार आधार कार्ड अपडेट या तैयार किए गए।
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