यूपी के बहराइच में बृहस्पतिवार को हिंदू सेवा सुरक्षा संघ की बैठक आयोजित की गई। इसमें महंत राजू दास ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने हिजाब को लेकर चल रहे विवाद पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार का समर्थन किया। कहा कि सीएम नीतीश ने कोई गलत काम नहीं किया है।
उन्होंने आगे कहा कि जब नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र ही लेना था, तो हिजाब नहीं पहनना चाहिए था। एक तरफ हिजाब पहनने वालों के घर में भारी असलहे मिलते हैं। लाल किले पर बम ब्लास्ट करने वाले मुस्लिम डॉक्टर निकले। उनका सहयोग करने वाले भी डॉक्टर निकले। ऐसे में सीएम ने हिजाब हटाकर कोई गलत काम नहीं किया है।
बाबर के नाम पर मस्जिद स्वीकार नहीं
राजू दास ने आगे कहा कि महिला की पहचान के लिए सीएम नीतीश ने हिजाब हटाया था। देश के शिक्षण संस्थानों में भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी की। कहा कि देश के मंदिरों को तोड़ने वाले लाखों निर्दोषों की हत्या करने वाले बाबर के नाम पर देश में कोई मस्जिद स्वीकार नहीं है।
सैय्यद सालार मसूद गाजी की दरगाह भी हटाई जाए
उन्होंने आगे कहा कि मुस्लिम किसी अपने धर्म के महापुरुष के नाम पर मस्जिद बनाएं, हम भी सहयोग करेंगे। लेकिन, आक्रांता के नाम पर कोई निर्माण नहीं होने देंगे। वहीं नगर में स्थित सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह को भी उन्होंने आक्रांता की मजार बताते हटाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो बहराइच जिले का नाम बदलना चाहिए। महाराजा सुहेलदेव ने जिस आतंकी को मारा था, उसकी यहां पूजा हो रही है। ऐसे व्यक्ति की मजार की एक-एक ईंट उखाड़कर समंदर में फेंक देनी चाहिए। अब आजी गाजी पाजी नहीं चलेगा। इस दौरान मनीष पांडे, देशराज वर्मा, शुभम मिश्रा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।