वहीं, दो बेटियों को पुलिस ने बचा लिया है। पुलिस की जांच से पता चला कि हत्यारोपी अरविंद सिंह के भाई की हत्या 2019 में हुई थी। सुनील महाराष्ट्र में रहते थे। शिवसेना प्रमुख बाला साहब ठाकरे के जनसंपर्क अधिकारी थे। हत्या का आरोप चचेरे भाइयों मनीष सिंह और अवनीश पर लगा था।
इसी बीच पुजारियों ने बबिता को बता दिया कि सुनील की आत्मा घर में रहती है इसलिए परेशानियां बनी हुई हैं। पूजा-पाठ कराने से सब ठीक हो जाएगा। बबिता ने सोमवार को पुजारियों को बुलाया और पूजा शुरू करा दी। इस पर अरविंद सिंह ने आपत्ति जताई और पुजारियों को धमकाया।
अरविंद ने चेतावनी देते हुए कहा था कि मंगलवार को पूजा कराने आए तो गंभीर परिणाम सामने आएंगे लेकिन बबिता और पुजारियों ने ध्यान नहीं दिया। मंगलवार की शाम पूजा खत्म हुई तो अरविंद ने पुजारियों से आधार कार्ड मांग लिया। पुजारी आधार कार्ड देने को तैयार नहीं थे। इससे विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि पूजा कराने से नाराज अरविंद सिंह ने पिस्टल से गोली मारकर पहले पत्नी बबिता की हत्या कर दी। फिर पुजारियों महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा को निशाना बनाया। मामले की सूचना मिलने के बाद एडीजी जोन नवीन अरोरा, डीआईजी सुनील कुमार और एसपी डॉ. अनिल कुमार भी मौके पर डटे रहे।