अयोध्या। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आतंकी हमले को लेकर शनिवार को मॉक ड्रिल किया गया। बहु-एजेंसी आतंकवाद निरोधक अभ्यास (मॉक ड्रिल) का उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा एवं आपातकालीन एजेंसियों के बीच समन्वय, तत्परता और प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था।
यह अभ्यास हवाई अड्डे के शहर की ओर के क्षेत्र में एक नकली आतंकी हमले के परिदृश्य पर आधारित था। घटना की सूचना मिलते ही सीआईएसएफ की त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने की प्रारंभिक कार्रवाई की। एयरपोर्ट के डिप्टी कमांडेंट/सीएएसओ रवींद्र सिंह ने टीम का नेतृत्व किया, जबकि सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट रोहित ढाका ने समन्वय किया। इसके बाद यूपी एटीएस, यूपी पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो मौके पर पहुंचे और अभियान की कमान संभाली। यूपी एटीएस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए नकली आतंकियों को पकड़ लिया। इसके बाद बीडीएस ने पूरे क्षेत्र में बम जांच और निस्तारण प्रक्रिया पूरी की। राज्य स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग ने आपातकालीन चिकित्सा और राहत प्रबंधन सुनिश्चित किया।
अभ्यास में सहभागिता और समीक्षा
इस अभ्यास में एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, विभिन्न विमानन कंपनियों और अन्य एजेंसियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। अभ्यास के दौरान एयरपोर्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी दिव्यांश पांडेय के साथ विमानन कंपनियों के प्रतिनिधि - सुदर्शन सिंह (अकासा एयर), विकास शर्मा (इंडिगो) एवं अभिजीत (एयर इंडिया एक्सप्रेस) पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहे। अभ्यास के बाद हुई समीक्षा बैठक में सभी सहभागी एजेंसियों ने अपने अनुभव साझा किए और सुधार के बिंदुओं पर चर्चा की। यह अभ्यास हवाई अड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।