37-राममंदिर में रामनवमी के मौके पर भगवान श्रीराम के ललाट पर सूर्य तिलक का दृश्य।-ट्रस्ट
अयोध्या। रामजन्मोत्सव के पावन अवसर पर हुआ रामलला का दिव्य ‘सूर्य तिलक’ केवल अयोध्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसकी आभा देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं तक पहुंची। आस्था और तकनीक के संगम ने इस अलौकिक क्षण को हर घर तक सजीव कर दिया।
दोपहर के पावन क्षण में जब सूर्य की किरणों ने रामलला के ललाट को स्पर्श किया, उस दृश्य को देखने के लिए श्रद्धालु टीवी स्क्रीन और मोबाइल से जुड़े रहे। दूरदर्शन पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने इस दिव्य आरती का सीधा प्रसारण देखा, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तीन लाख से अधिक लोगों ने इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षात्कार किया। राम मंदिर ट्रस्ट के सोशल प्लेटफार्मों पर भी एक लाख से अधिक श्रद्धालु सूर्य तिलक के साक्षी बने। डिजिटल माध्यमों के जरिए यह आयोजन एक वैश्विक उत्सव का रूप लेता नजर आया। देश के विभिन्न राज्यों से लेकर विदेशों में बसे भारतीयों तक, हर कोई इस दिव्यता से जुड़ता दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर भावपूर्ण संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “सूर्यवंश शिरोमणि रामलला के दिव्य भाल पर विराजित यह स्वर्णिम 'सूर्य तिलक' आस्था, आत्मगौरव और अध्यात्म का आलोक है। यह तिलक सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना को जागृत करता हुआ, भारत के जन-जन के हृदय में श्रद्धा, शक्ति और स्वाभिमान का संकल्प-सूर्य प्रज्ज्वलित कर रहा है। यह भारत को उसकी मूल आत्मा से पुनः जोड़ रहा है। राम के दिव्य 'सूर्य तिलक' का आलोक 'विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत' के संकल्पों को दिशा दे रहा है। क्योंकि जहां राम हैं, वहीं राह है, और वहीं भारत उजास बनकर जगमगाता है। जय जय राम।