अयोध्या। आस्था की नगरी अब आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ भविष्य की रफ़्तार पकड़ने को तैयार है। तीर्थनगरी में बढ़ते श्रद्धालु प्रवाह और पर्यटन गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए सड़क, पुल और कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। मार्च तक दो नए ओवरब्रिज के निर्माण पूरा होने का लक्ष्य तय किया गया है। लक्ष्मण पथ का निर्माण भी अंतिम चरणों में है। अयोध्या की परिधि पर बन रही रिंग रोड परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इसके पूर्ण होने पर भारी वाहनों और बाहरी ट्रैफिक को शहर में प्रवेश किए बिना ही डायवर्ट किया जा सकेगा। इससे मुख्य धार्मिक स्थलों के आसपास यातायात सुगम होगा और प्रदूषण पर भी नियंत्रण मिलेगा।
मार्च तक शुरू हो जाएगा ओवरब्रिज का संचालन
मोदहा रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन फोरलेन का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। वर्तमान में रेलवे विभाग अपने हिस्से का काम कर रहा है। जबकि सेतु निगम का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। 15 मार्च तक यहां की दो लेन खोल दी जाएगी। इससे रेलवे क्राॅसिंग पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। वहीं आसिफबाग रेलवे क्राॅसिंग के ऊपर पंचकोसी परिक्रमा पथ पर फोरलेन ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। इसका निर्माण भी 85 फीसदी पूरा हो चुका है। यहां भी रेलवे अपने हिस्से का काम कर रहा है। उप परियोजना प्रबंधक सेतु निगम रोहित अग्रवाल का कहना है कि मार्च के अंत तक दोनों ओवरब्रिज पर संचालन शुरू हो जाएगा।
रिंग रोड परियोजना से बदलेगी शहर की सूरत
अयोध्या में लगभग 3,935 करोड़ की लागत से 67.17 किलोमीटर लंबी फोरलेन रिंग रोड परियोजना (उत्तर और दक्षिण बाईपास) शहर की सूरत बदलने के लिए तैयार है। यह रिंग रोड लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, रायबरेली, बस्ती और गोंडा के बीच यातायात को सुगम बनाएगी। रिंग रोड परियोजना में सात फ्लाईओवर, चार आरओबी व 16 अंडरपास बनाए जाने हैं। दो फ्लाईओवर व चार अंडरपास का निर्माण चल रहा है। यह परियोजना 2027 के अंत तक पूरी होगी।
लक्ष्मण पथ करेगा राह आसान
सरयू किनारे छह किलोमीटर लंबा लक्ष्मण पथ भी तेजी से आकार ले रहा है। शहर में प्रवेश करने के बाद सहादतगंज से गुप्तार घाट होते हुए सीधे इस पथ के माध्यम से राम मंदिर पहुंचा जा सकेगा। इसका निर्माण भी मार्च के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। करीब किलोमीटर तक सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि शेष पर गिट्टी व मिट्टी की पटाई, कुटाई जारी है। यह पथ 30 मीटर चौड़ा होगा।
84 कोसी परिक्रमा मार्ग निर्माण में तेजी
84 कोसी परिक्रमा मार्ग एनएच 227 बी के निर्माण कार्य में तेजी आई है। चिन्हित स्थानों पर अंडरपास और ओवर ब्रिज निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। लगभग 275 किलोमीटर लंबा 84 कोसी परिक्रमा मार्ग अयोध्या, गोंडा, बस्ती, बाराबंकी, अंबेडकर नगर कुल पांच जिलों से होकर गुजरेगा। श्रीराम वनगमन स्थलों से संबंधित करीब एक दर्जन रामायण कालीन धार्मिक स्थल बीकापुर तहसील क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्थित है। इन स्थलों के रूप में विकसित होने की उम्मीद लोगों में जगी है।
14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर लगेंगी डेकोरेटिव लाइटें
निर्माणाधीन 14 कोसी परिक्रमा मार्ग प्रकाश से जगमगाएगा। इस और आध्यात्मिक मार्ग पर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से भव्य डेकोरेटिव लाइटिंग व्यवस्था की जा रही है। यह मार्ग लगभग 40-45 किलोमीटर लंबा है, जो सरयू नदी के आसपास फैला हुआ है और राम भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। परिक्रमा पथ को फोरलेन बनाया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग खंड तीन के अधिशाषी अभियंता सत्य पाल सिंह ने बताया कि अब नए मार्ग पर भव्य लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। बल्कि कई जगहों पर लगाई भी जा चुकी है। मीडियन में 1005 और फुटपाथ पर 2010 पोल्स पर डेकोरेटिव लाइट्स लगेंगी।
।बीकापुर के तोरोमाफी में 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का निर्माण
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