अमेठी सिटी। गौरीगंज के गूजरटोला निवासी अंकित सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाले मंगलवार देर शाम तक पकड़े नहीं गए। हाईवे पर हमलावरों का दुस्साहस देखने वाले यही कहते सुने जा रहे हैं क्या इनको पुलिस का खौफ नहीं है। पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की खोजबीन में लगी हैं, लेकिन वह हाथ नहीं लगे।
पुलिस की अब तक की जांच की बात करें तो घटनास्थल के पास लगा एक सीसीटीवी कैमरा बंद था, जिससे पूरी वारदात रिकॉर्ड नहीं हो पाई। हालांकि थोड़ी दूरी पर स्थित एक प्रतिष्ठान के कैमरे में हमलावरों के वाहन की झलक कैद हुई है। पुलिस की फील्ड यूनिट ने मौके से दो कारतूस बरामद किए हैं। सर्विलांस टीम मोबाइल सीडीआर के आधार पर जांच कर रही है, लेकिन अब तक खास जानकारी नहीं मिली है।
मंगलवार को केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दी, मगर कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी। एएसपी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि वारदात में शामिल लोगों की तलाश जारी है। वहीं, घटनास्थल से कारतूस मिलने के सवाल पर एएसपी ने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है। मुख्य आरोपी संदीप कुमार ने वारदात के बाद अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा रायबरेली टू दिल्ली मूव। पुलिस इस सुराग के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही है।
साजिश के तहत अंजाम दी वारदात
जानकारी के अनुसार अंकित सोमवार सुबह करीब 8:55 बजे लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस से गौरीगंज स्टेशन पहुंचा था। स्टेशन से घर लौटते समय गांव से कुछ दूर पहले ही उस पर हमला किया गया। हमलावरों ने पहले फायरिंग की, फिर लोहे की रॉड और डंडों से उसकी पिटाई की। इसके बाद वे वाहन सहित मौके से भाग निकले। बताया जा रहा है कि करीब एक वर्ष पहले भी अंकित पर गांव के पास हमला हुआ था। आशंका है कि कोई व्यक्ति उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए था और बदमाशों को लगातार सूचना दे रहा था।
हरदो में मिली एसयूवी
ये भी जानकारी में आया है कि हमलावर जिस एसयूवी पर सवार थे, वह पुलिस को हरदो गांव के पास मिली है। वाहन में लाठी-डंडे, लोहे की रॉड, तमंचा और कारतूस मिले हैं। हालांकि पुलिस ने बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वाहन में कितने लोग सवार थे, यह स्पष्ट नहीं हो सका है।