गौरीगंज बाजार में चीनी की खरीदारी करते ग्राहक। -संवाद
अमेठी सिटी। त्योहार से पहले चीनी के बढ़े भाव ने घरों का बजट बिगाड़ दिया है। अमेठी में एक सप्ताह पहले 55 रुपये किलो बिक रही चीनी अब 65 से 70 रुपये किलो तक पहुंच गई है। दाम बढ़ने से घरों में चाय और पकवान का खर्च बढ़ा है। त्योहारों पर मिठाई की मांग बढ़ने के साथ कारोबारियों की लागत भी बढ़ रही है।
थोक विक्रेता राजेश अग्रवाल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से चीनी के थोक भाव में तेजी है। पहले करीब 50 से 52 रुपये किलो का भाव था। अब करीब 58 रुपये किलो तक पहुंच गया है। फुटकर विक्रेता मुकेश कुमार ने बताया कि एक सप्ताह पहले अच्छी गुणवत्ता की चीनी करीब 55 रुपये किलो बिक रही थी। अब गुणवत्ता के अनुसार 65 से 70 रुपये किलो तक भाव है।
मांग बढ़ने पर इसमें और बदलाव हो सकता है। मिठाई दुकानदार संजय वर्मा ने बताया कि त्योहारों के लिए मिठाई तैयार करने का काम शुरू हो गया है। लड्डू, पेड़ा और बर्फी में चीनी की खपत अधिक होती है। दाम बढ़ने से लागत बढ़ गई है। अमित गुप्ता ने बताया कि त्योहारों में मिठाई की बिक्री बढ़ती है। ऐसे में कच्चा माल महंगा होने से खर्च बढ़ रहा है।
चीनी के भाव और बढ़े तो मिठाई की कीमत बढ़ानी पड़ सकती है। गृहिणी शशि ने बताया कि चीनी रोजाना इस्तेमाल होने वाली वस्तु है। चाय से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक इसकी जरूरत पड़ती है। भाव बढ़ने से मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। उमा देवी ने कहा कि त्योहारों पर घर में मिठाई और पकवान बनाने में चीनी की खपत बढ़ जाती है।
दाम बढ़ने से अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। व्यापारियों के अनुसार त्योहार नजदीक आने के साथ चीनी की मांग बढ़ रही है। मांग बढ़ी तो भाव में और उतार-चढ़ाव हो सकता है। इससे गृहस्थी के साथ मिठाई कारोबार की लागत पर भी असर पड़ेगा