अमेठी सिटी। मुसाफिरखाना तहसील में एसडीएम अभिनव कनौजिया की कार्यशैली पर उठे सवाल अब पूरे जिले में आंदोलन का रूप ले चुके हैं। 30 दिसंबर से बार एसोसिएशन मुसाफिरखाना के बैनर तले शुरू हुआ अधिवक्ताओं का विरोध मंगलवार को और व्यापक हो गया। जिले की सभी तहसीलों में अधिवक्ताओं ने बैठक कर न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया और मुसाफिरखाना में चल रहे आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की।
गौरीगंज तहसील में अधिवक्ताओं के विरोध-प्रदर्शन के कारण न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप रहा। इससे वादों की सुनवाई नहीं हो सकी।जिला बार एसोसिएशन ने मुसाफिरखाना बार एसोसिएशन के आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय लिया। अध्यक्ष महेश चंद्र शुक्ल ने बताया कि सर्वसम्मति से न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया गया। बैठक में उमाशंकर पांडेय, रमाशंकर त्रिपाठी, जनार्दन प्रसाद शुक्ल, राजेंद्र प्रसाद शुक्ल समेत अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।
सेंट्रल बार एसोसिएशन ने की आपात बैठक
अमेठी सिटी। सेंट्रल बार एसोसिएशन अमेठी की आपात बैठक गौरीगंज तहसील में हुई। अध्यक्ष पृथ्वीराज मिश्र एडवोकेट की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं ने मुसाफिरखाना तहसील के घटनाक्रम पर चर्चा की। बैठक में चर्चा के बाद सर्वसम्मति से मुसाफिरखाना बार एसोसिएशन के समर्थन का निर्णय लिया गया। यह तय हुआ कि सेंट्रल बार से जुड़े अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। बैठक में शिवभान सिंह, राकेश सिंह चौहान, धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, शिव प्रकाश द्विवेदी, देवेंद्र प्रताप सिंह, अमित पाण्डेय आदि मौजूद रहे।
न्यायिक कार्य में सहयोग न करने का निर्णय
अमेठी। मुसाफिरखाना प्रकरण के समर्थन में अमेठी तहसील बार एसोसिएशन भी मैदान में आ गई। समर्थन पत्र मिलने के बाद बैठक कर मंगलवार और बुधवार को न्यायिक कार्य में सहयोग न करने का निर्णय लिया गया। तहसील अध्यक्ष दिनेश सिंह ने कहा कि कथित अभद्र व्यवहार से अधिवक्ताओं में असंतोष है। सचिव अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि सभी न्यायालयों को सूचना दी गई। न्यायिक कार्य ठप रहने से दूरदराज से आए वादकारियों को नई तारीख लेकर लौटना पड़ा। (संवाद)