मुसाफिरखाना तहसील में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत संगठन
मुसाफिरखाना। एसडीएम के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। इससे तहसील परिसर में सन्नाटा पसरा रहा और कई प्रशासनिक व न्यायिक कार्य प्रभावित हुए। बैनामा की रजिस्ट्री बंद रहने से दस्तावेज लेखकों के तख्त खाली पड़े रहे। इससे लगभग 12 लाख रुपये राजस्व के नुकसान की बात कही जा रही है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर, उपनिबंधक कार्यालय और तहसील गेट पर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं का यह विरोध प्रदर्शन 30 दिसंबर से लगातार चल रहा है। इससे तहसील की अदालतों में नियमित न्यायिक कार्य प्रभावित हो गया है। बृहस्पतिवार को एसडीएम की अदालत में 54, एसडीएम न्यायिक की अदालत में 92, तहसीलदार की अदालत में 43, नायब तहसीलदार मुसाफिरखाना की अदालत में 25 और नायब तहसीलदार जगदीशपुर की अदालत में 70 मुकदमे सूचीबद्ध रहे।
प्रदर्शन के चलते अधिकांश मामलों में सुनवाई नहीं हो सकी और पक्षकारों को अगली तारीख दे दी गई। अधिवक्ताओं का कहना है कि समस्या का समाधान न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में राजीव कुमार तिवारी, संजय कुमार शुक्ला, उमाशंकर तिवारी, अंजनी मिश्रा, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, जयबख्श सिंह, सीपी सिंह आदि मौजूद रहे।