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UPSC CSE Result : प्रखर शुक्ला और शिवानी त्यागी अपनी मेहनत और लगन से हासिल किया मुकाम

Fri, 06 Mar 2026 07:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर शुक्रवार को घोषित नतीजे में प्रयागराज में रहकर तैयारी कर रहे कई प्रतियोगियों को सफलता मिली है। प्रखर शुक्ला और शिवानी त्यागी ने भी अपनी कड़ी मेहनत से मुकाम हासिल किया है।
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शिवानी त्यागी और प्रखर शुक्ला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर शुक्रवार को घोषित नतीजे में प्रयागराज में रहकर तैयारी कर रहे कई प्रतियोगियों को सफलता मिली है। प्रखर शुक्ला और शिवानी त्यागी ने भी अपनी कड़ी मेहनत से मुकाम हासिल किया है। बस्ती के हरैया के मूल निवासी प्रखर शुक्ला ने अपने दूसरे प्रयास में 787वीं रैंक प्राप्त कर सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है। अपने पहले प्रयास में ही वे साक्षात्कार चरण तक पहुंचे थे। दूसरे प्रयास में निरंतर परिश्रम, धैर्य और समर्पण के बल पर उन्होंने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की। उनके पिता डॉ. पंकजेश कुमार शुक्ला वासुदेव रामकृष्ण महाविद्यालय सोरांव में प्राचार्य हैं। प्रखर का पूरा परिवार प्रयागराज के अल्लापुर में रहता है। उन्होंने एमएल कॉन्वेंट से 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी किया। इन्होंने प्रयागराज में ही रहकर तैयारी की। 

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मूल रूप से हापुड़ की रहने वाली शिवानी त्यागी जार्ज टाउन में अपनी बहन के यहां रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थींं। शिवानी ने देवान पब्लिक स्कूल हापुड़ से हाईस्कूल किया। वह आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चली गईं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक किया।

पिता ह्रदेश त्यागी का ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय है। परिवार में एक भाई रेलवे पुलिस में कार्यरत हैं, जबकि दूसरे भाई ट्रांसपोर्ट के कारोबार में पिता का सहयोग करते हैं।




यूपीएससी में चयनित होने के बाद बधाई देते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
यूपीएससी में प्रखर ने हासिल की 787वीं रैंक

अल्लापुर निवासी प्रखर शुक्ला (22) ने दूसरे प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा-2025 में 787 रैंक प्राप्त कर प्रयागराज का मान बढ़ाया है। प्रखर ने हाईस्कूल और इंटर एमएल कॉन्वेंट स्कूल और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी किया है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से तैयारी की जाए तो सफलता जरूर मिलेगी।

बस्ती के सकरदहा थाना हरैया के मूल निवासी प्रखर शुक्ला के पिता पंकजेश शुक्ला वासुदेव रामकृष्ण मिश्र महाविद्यालय उमरिया बादल उर्फ गैंडा सोरांव में प्राचार्य हैं और अल्लापुर में परिवार के साथ रहते हैं।

पंकजेश की तीन संतानों में दो बेटियां और पुत्र प्रखर हैं। बेटियों की शादी हो चुकी हैं। जबकि प्रखर अविवाहित हैं। प्रखर ने बताया कि वर्ष 2023 से उन्होंने सिविल सर्विसेज की दिल्ली में ऑनलाइन तैयारी शुरू की थी। वर्ष 2024 में पहले ही प्रयास में वह साक्षात्कार तक पहुंचे थे। प्रखर का कहना है कि जरूरी नहीं कि 10 घंटे पढ़ाई की जाए। चार घंटे भी सही दिशा में पढ़ाई कर सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने अपनी सफलता में पिता और गृहिणी मां के अलावा छोटे बाबा का अहम योगदान बताया है।

आदित्य सिंह, यूपीएससी में चयनित। - फोटो : अमर उजाला।
आदित्य सिंह को मिली 508वीं रैंक

प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रतिभाशाली विद्यार्थी आदित्य सिंह को संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में 508वीं रैंक प्राप्त कर सफलता हासिल की है। पुरातत्व विभाग ने बधाई देते हुए कहा कि यह गौरवपूर्ण उपलब्धि उनके अथक परिश्रम, दृढ़ संकल्प एवं प्रतिभा का प्रतिफल है। साथ ही यह हमारे विभाग तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के लिए भी अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है।
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अनिंद्य का यूपीएससी में चयन, मिली 158वीं रैंक

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा-2025 में मूल रूप से बलिया जिले के निवासी अनिंद्य ने 158वीं रैंक प्राप्त की है। उनकी सफलता से परिवार और परिचितों में खुशी का माहौल है। अनिंद्य ने स्नातक की पढ़ाई इविंग क्रिश्चियन कॉलेज, प्रयागराज से की है। बीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद कोविड के दौरान उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) में एमए राजनीति विज्ञान में प्रवेश लिया और स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ही विधि स्नातक (एलएलबी) की पढ़ाई पूरी की।

पढ़ाई के दौरान उन्होंने यूजीसी की जेआरएफ परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली थी। सिविल सेवा परीक्षा में यह उनका चौथा प्रयास था। इससे पहले तीसरे प्रयास में भी उनका चयन हुआ था और मेरिट के आधार पर उन्हें भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) मिला था। अनिंद्य के पिता कमलेश कुमार पांडेय मध्य प्रदेश के दतिया, रीवा, सतना और सीधी सहित कई जिलों में पदस्थ रह चुके हैं। 
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