नई नियमावली से वंचित हो जाएंगे एक लाख से ज्यादा छात्र
घंटों चली सार्थक वार्ता के उपरांत जिलाधिकारी एवं उप जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि पुरानी नियमावली से भर्ती विज्ञापन जारी कराने के लिए शासन स्तर तक प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बिना पर्याप्त अवसर दिए अचानक नई नियमावली लागू करना न्यायोचित नहीं माना जा सकता। युवा मंच ने कहा कि नई नियमावली लागू होने की स्थिति में लगभग सात लाख से अधिक अभ्यर्थी आवेदन करने के अवसर से वंचित हो जाएंगे, जबकि पुरानी नियमावली से भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ होने पर किसी भी वर्ग के अभ्यर्थी का अहित नहीं होगा।
विशेष रूप से प्रवक्ता पदों पर बिना बीएड अभ्यर्थियों तथा प्राविधिक कला, हिन्दी, अंग्रेजी, संगीत एवं शारीरिक शिक्षा विषयों के अभ्यर्थियों को समान अवसर प्राप्त होगा और लाखों युवाओं के रोजगार की आशा बनी रहेगी। प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि प्रशासन द्वारा छात्रों की मांग को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक पहल किए जाने के कारण 11 जून 2026 से नई नियमावली के विरोध में चल रहा आंदोलन फिलहाल स्थगित किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार एवं शासन द्वारा छात्रों के हित में न्यायपूर्ण निर्णय नहीं लिया गया, तो युवा मंच पुनः व्यापक जनसमर्थन के साथ लोकतांत्रिक आंदोलन का आगाज करेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस अवसर पर प्रभाकर सिंह परिहार, साधना सिंह, दीपा सिंह, रीता केशरवानी, प्रियंका मिश्रा, विनीता, रिंकी चौहान, आरती सिंह, बृजेश पांडेय, अखिलेश वर्मा, एलके चौधारी, कुमार कौशल, अमित पांडेय, भानु प्रताप शुक्ला, केडी वर्मा, बृजेश सिंह, संदीप पाल, बृजेश तिवारी, आदित्य पाल, अमृत सरोवर आदि रहे।