फेस रिकॉग्निशन सिस्टम
- कक्ष निरीक्षक का डाटा अपलोड रहेगा, ड्यूटी स्थल पर चेहरे की डिजिटल स्कैनिंग होगी
- डाटाबेस में मौजूद फोटो से मिलान होगा, रिकॉर्ड सीधे आयोग के सर्वर पर सुरक्षित रहेगा
क्यों पड़ी नई व्यवस्था की जरूरत
- फर्जी उपस्थिति-ड्यूटी में लापरवाही के मामले आ रहे थे, जवाबदेही तय करना कठिन था
- सीजीएल और सीएचएसएल परीक्षाओं के अनुभवों के बाद इस नियम पर लिया गया निर्णय
पूर्व में सीजीएल और सीएचएसएल परीक्षाओं में कुछ गड़बड़ियां सामने आई थीं। इसे देखते हुए एआई आधारित निगरानी व्यवस्था जुलाई से लागू की जाएगी। इससे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। कोई भी कक्ष निरीक्षक अभ्यर्थी बनकर परीक्षा व्यवस्था का दुरुपयोग नहीं कर सकेगा। - डॉ. आशीष श्रीवास्तव, निदेशक, कर्मचारी चयन आयोग