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प्रयागराज : लोकार्पण से पहले ही ‘राम वनगमन पथ’ का दम निकला, 4400 करोड़ की सड़क 100 मीटर में चार जगह धंसी

Mon, 07 Sep 2026 12:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Prayagraj Ram Van Gaman Path : लोकार्पण से पहले ही राम वनगमन पथ की सड़क ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शृंगवेरपुर धाम में करीब 100 मीटर के दायरे में चार स्थानों पर सड़क में दरार और धंसाव सामने आया है। सड़क पर आवागमन रोककर ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है।
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प्रयागराज में लोकार्पण से पहले ही राम वन गमन पथ धंसा, पड़ीं दरारें। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक।
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विस्तार
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भगवान श्रीराम की वनगमन यात्रा से जुड़े तीर्थस्थलों को जोड़ने के लिए तैयार हो रहा राम वनगमन पथ लोकार्पण से पहले ही अपनी मजबूती की परीक्षा में फेल होता नजर आ रहा है। शृंगवेरपुर धाम में लखनऊ मार्ग से गंगा पुल की ओर जाने वाली नवनिर्मित सड़क कई जगह धंस गई है। करीब 100 मीटर के दायरे में सड़क पर चार स्थानों पर दरारें पड़ने के साथ ही उसका कुछ हिस्सा नीचे बैठ गया है। सड़क की हालत को देखते हुए इस पर आवागमन रोक दिया गया है।

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खास बात यह है कि जिस महत्वाकांक्षी परियोजना पर अरबों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, उसका लोकार्पण आने वाले महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराने की तैयारी है। ऐसे में लोकार्पण से ठीक पहले सड़क में दरार और धंसाव ने निर्माण एजेंसी से लेकर विभागीय निगरानी तक पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर सड़क धंसने की वजह पूछी है। 

बारिश आई तो सड़क की पोल खुल गई

शृंगवेरपुर धाम में गंगा पुल से पहले सड़क की सतह पर कई स्थानों पर दरारें दिखाई दे रही हैं। कुछ हिस्सों में सड़क नीचे बैठ गई है। करीब 100 मीटर के दायरे में चार जगह ऐसी स्थिति सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि अभी सड़क पूरी तरह तैयार भी नहीं हुई और सामान्य बारिश में ही उसका एक हिस्सा धंस गया। भविष्य में इस मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ने पर सड़क की स्थिति क्या होगी, इसे लेकर भी चिंता है। स्थानीय लोगों ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के साथ निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और सड़क की तकनीकी गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।

लोकार्पण से पहले ही राम वन गमन मार्ग में पड़ीं दरारें। - फोटो : अमर उजाला।

अयोध्या से चित्रकूट तक जुड़ेगा धार्मिक गलियारा

राम वनगमन पथ परियोजना के तहत अयोध्या से चित्रकूट तक करीब 210 किलोमीटर लंबा मार्ग विकसित किया जा रहा है। करीब 4,400 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, शृंगवेरपुर धाम, कौशाम्बी और चित्रकूट को सड़क संपर्क से जोड़ने की योजना है। परियोजना का उद्देश्य धार्मिक स्थलों तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान करने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देना है। इससे संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ने की भी उम्मीद है। इसी महत्वाकांक्षी योजना की सड़क का निर्माण पूरा होने से पहले ही क्षतिग्रस्त होना विभाग के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है।

प्रयागराज में राम वन गमन पथ में पड़ीं दरारें। - फोटो : अमर उजाला।

गंगा पुल परियोजना की भी अहम कड़ी

शृंगवेरपुर धाम में गंगा नदी पर बन रहा करीब 1,200 मीटर लंबा छह लेन का पुल राम वनगमन पथ परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके जरिए गंगापार क्षेत्र को कौशाम्बी और आगे चित्रकूट से जोड़ने की योजना है। पुल के आसपास सड़क के धंसने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब मार्ग पर अभी यातायात का पूरा दबाव भी नहीं है, तब सड़क में इस तरह की खराबी कैसे आ गई। उनका कहना है कि केवल मरम्मत करा देने के बजाय इसकी वजह की तकनीकी जांच जरूरी है।

रामवन गमन मार्ग की डिवाइडर भी क्षतिग्रस्त। - फोटो : अमर उजाला।

2022 में हुआ था परियोजना का शिलान्यास

राम वनगमन पथ परियोजना का वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसद और विधायक की मौजूदगी में वर्चुअल शिलान्यास किया था। धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस परियोजना से अयोध्या से चित्रकूट तक श्रद्धालुओं के लिए यात्रा सुगम होने की उम्मीद है। परियोजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माणाधीन सड़क के धंसने की घटना ने निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग सड़क की मरम्मत के साथ निर्माण की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर कराता है।
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प्रयागराज में राम वन गमन पथ की दशा। - फोटो : अमर उजाला।

ठेकेदार से पूछा, सड़क आखिर धंसी कैसे

सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद विभाग की ओर से संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। इसमें सड़क धंसने के कारणों को लेकर जवाब मांगा गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार क्षतिग्रस्त हिस्से को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। एनएच के अधिशासी अभियंता रवींद्र पाल सिंह ने बताया कि बारिश के कारण राम वनगमन पथ का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। इसे जल्द ठीक करा दिया जाएगा। हालांकि, निर्माणाधीन सड़क के इतने कम दायरे में चार स्थानों पर दरार और धंसाव सामने आने के बाद सिर्फ बारिश को वजह बताना सवालों को पूरी तरह शांत नहीं करता। निर्माण की गुणवत्ता और सड़क की मजबूती की जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
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