पूर्वोत्तर रेलवे के बनारस मंडल ने वाराणसी और प्रयागराज रेलखंड पर कुल 250 किलोमीटर ट्रैक के किनारे लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग करनी शुरू कर दी है। इस परियोजना के तहत अप और डाउन दोनों लाइनों के किनारे करीब डेढ़ मीटर ऊंचे क्रैश बैरियर लगाने का काम शुरू किया गया है। इससे ट्रैक पर आवारा पशुओं और नीलगायों के आने से होने वाले हादसे को रोका जा सकेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार वंदे भारत जैसी हाईस्पीड ट्रेनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रैक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले दो वर्षों में ट्रैक दोहरीकरण और तकनीकी सुधारों के जरिए ट्रेनों की औसत गति 90-100 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचा दी गई है। अब बैरिकेडिंग के बाद अधिकतम गति 130 किमी प्रतिघंटा कर दी जाएगी।
कार्यदायी संस्था ने आधुनिक पंचिंग मशीनों की मदद से स्टील बीम लगाने का काम शुरू कर दिया है। इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए डेढ़ साल का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रतिदिन औसत 250 मीटर बैरिकेडिंग का काम किया जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के पीआरओ अशोक कुमार ने बताया कि यात्री सुरक्षा रेलवे के लिए सर्वोपरि है। ट्रैक किनारे बैरिकेडिंग लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।