शंकराचार्य स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद सरस्वती।
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जिला न्यायालय ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट मथुरा के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी व अन्य की ओर से दायर प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए एडीसीपी क्राइम को छह फरवरी तक जांच कर आख्या न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। यह आदेश अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप पारचा ने दिया।
आशुतोष व अन्य की ओर से 22 जनवरी को बीएनएसएस की धारा-173 (3) के तहत प्रार्थना पत्र न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम के समक्ष दायर किया गया था। उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में कहा है कि 18 जनवरी को त्रिवेणी मार्ग स्थित शंकराचार्य के शिविर के पास उन पर व साथियों पर हमला किया गया।
न्यायालय से अनुरोध किया है कि पुलिस को आदेशित किया जाए कि शंकराचार्य, मुकुंदानंद, अरविंद मिश्रा व अज्ञात शिष्यों के विरुद्ध झूंसी थाने में संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना कराई जाए। न्यायालय ने एडीसीपी क्राइम को निर्देश दिया है कि वे प्रार्थना पत्र के आलोक में प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट छह फरवरी तक न्यायालय में प्रस्तुत करें।