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यूपी बोर्ड : कॉपियों की पारदर्शी व्यवस्था के लिए डिजिटल मूल्यांकन का रुख, चल रहा है मंथन

Fri, 28 Aug 2026 03:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) बोर्ड परीक्षा-2027 की उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन कराने की तैयारी में है। हाल ही में इंप्रूवमेंट व कंपार्टमेंट परीक्षा की करीब 40 हजार उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन की सफलता के बाद इसके विस्तार पर मंथन चल रहा है।
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यूपी बोर्ड। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) बोर्ड परीक्षा-2027 की उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन कराने की तैयारी में है। हाल ही में इंप्रूवमेंट व कंपार्टमेंट परीक्षा की करीब 40 हजार उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन की सफलता के बाद इसके विस्तार पर मंथन चल रहा है। डिजिटल मूल्यांकन से व्यवस्था को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की ओर रुख किया जा रहा है।

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सूत्रों के अनुसार, अनुभवों के आधार पर वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन पर विचार चल रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय बोर्ड को करना है। बताया गया कि वर्ष 2026 में बोर्ड ने करीब तीन करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया था। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने कहा कि इंप्रूवमेंट एवं कंपार्टमेंट परीक्षा में डिजिटल मूल्यांकन सफल रहा है। इसके बाद मूल्यांकन में तकनीक का प्रयोग करने को लेकर मंथन जारी है।

डिजिटल मूल्यांकन के फायदे

डिजिटल मूल्यांकन से कॉपियों को भौतिक रूप से मूल्यांकन केंद्रों तक पहुंचाने और वापस सुरक्षित रखने की जरूरत कम हो सकती है। परीक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर उत्तर पुस्तिका की डिजिटल प्रति देखकर मूल्यांकन कर सकेंगे। इससे निगरानी आसान होने के साथ प्राप्तांकों के ऑनलाइन संकलन और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। डिजिटल व्यवस्था में उत्तर पुस्तिकाओं और मूल्यांकन की प्रक्रिया का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से मूल्यांकन में और पारदर्शिता आएगी।

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