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पटाखा गोदाम में विस्फोट: पैर की अंगुलियों से पहचान, खेतों में मजदूरों के चीथड़े; 150 मीटर दूर लोहे की कड़ाही

Wed, 02 Sep 2026 04:44 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी

सार

कौशाम्बी के महमूदपुर मनौरी गांव में सोमवार को अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट में दो और लोगों की मौत हुई है। लापता दिव्यांग मजदूर के शव के अवशेष से मंगलवार को उसकी पहचान हुई। एक राजमिस्त्री ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 
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kaushambi blast - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कौशाम्बी के चायल के महमूदपुर मनौरी में पटाखा गोदाम में विस्फोट के बाद लापता बूंदी कारखाने के मजदूर के माता-पिता और उसकी पत्नी दूसरे दिन मलबे में उसे खोजते रहे। पुलिस भी घटनास्थल पर छानबीन कर रही थी। बाद में पिता ने मोर्चरी में रखी पैर की मुड़ी अंगुली देखकर बेटे की पहचान की। पुलिस अब डीएनए जांच से पुष्टि करेगी।
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चरवा के पक्सराई गांव निवासी सुनील कुमार कुशवाहा (32) एक पैर से दिव्यांग थे। सुनील की पत्नी रेखा कुशवाहा ने बताया कि पति की अंगुलियां मुड़ी हुई थीं। इस वजह से पहचान हो गई। वह करीब एक माह से बिहिका के धारासिंह केशरवानी के मनौरी कारखाने में साझिया के ज्ञानसिंह के साथ बूंदी बनाने का काम कर रहे थे।
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सोमवार को विस्फोट में बूंदी का कारखाना जमींदोज हो गया था। रात करीब नौ बजे जेसीबी से मलबा हटाने के दौरान क्षत-विक्षत पैर मिला था। इसके बाद पुलिस ने पैर को मोर्चरी भेजकर पहचान की प्रक्रिया शुरू की। 

मंगलवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस ने सुनील के परिजनों को पहचान के लिए मोर्चरी बुलाया। वहां पिता सरजू कुशवाहा ने पहचान की। सुनील की मौत की पुष्टि के बाद रेखा, बहन शोभा, भाभी राजरानी, बेटियां साक्षी व प्रियांशी और बेटे प्रियांश व शनि और बेसुध हैं।

खेतों में मिले मजदूरों के चीथड़े, होगी डीएनए जांचय
हादसे के दूसरे दिन पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल के आसपास खेतों में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान शवों के चीथड़े मिले। माना जा रहा है कि इसमें कई मजदूरों के अंग हो सकते हैं। इन्हें डीएनए जांच के लिए सुरक्षित नहीं हुआ है कि घटना के वक्त पटाखा फैक्टरी में कितने मजदूर का काम कर रहे थी कि मलबे के साथ मजदूरों के शरीर के अवशेष भी दूर तक जा गिरे। 

150 मीटर दूर खेत में मिली लोहे की कड़ाही
पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से मिठाई कारखाने में बूंदी बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली कड़ाही करीब डेढ़ सौ मीटर दूर धान के खेत में जा गिरी थी। पुलिस ने तलाशी के दौरान कड़ाही के साथ बूंदी छनाई का छन्ना बरामद किया। बताया गया कि सुनील इसी कड़ाही में बूंदी बना रहा था।

मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस में सुनील के पिता ने पैर की मुड़ी हुई अंगुली से पहचान की। प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में भर्ती राजेश की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।-सत्यनारायण, एसपी।
 

कौशाम्बी के अवैध पटाखा फैक्टरी धमाके में दो और लोगों की मौत
कौशाम्बी के महमूदपुर मनौरी गांव में सोमवार को अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट में दो और लोगों की मौत हुई है। लापता दिव्यांग मजदूर के शव के अवशेष से मंगलवार को उसकी पहचान हुई। एक राजमिस्त्री ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों की संख्या 13 हो गई है। उधर, मुख्य आरोपी नौशाद मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया। उसके व्यावसायिक प्रतिष्ठान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया है।

चरवा कोतवाली इलाके के पक्सराई गांव निवासी सुनील कुमार कुशवाहा (32) घटनास्थल के पास स्थित बूंदी कारखाने में मजदूरी करते थे। वह एक पैर से दिव्यांग थे। हादसे के बाद से लापता थे। सोमवार को मलबे में कुछ क्षत-विक्षत अंग मिले थे। उन्हें मोर्चरी में रखवाया गया था। मंगलवार को सुनील के पैर की मुड़ी हुई अंगुलियां देखकर पिता ने बेटे की पहचान की।

वहीं, विस्फोट में गंभीर रूप से घायल पड़ोसी राजमिस्त्री राजेश कुमार (35) ने प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में दम तोड़ दिया। इधर, पुलिस ने फरार मुख्य आरोपी नौशाद अली को मंगलवार सुबह मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान नौशाद ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। उसके कब्जे से तमंचा और कारतूस बरामद हुए। 

इसके साथ ही एक दिन पहले हिरासत में ली गई घटना की अन्य आरोपी शबाना और साइना को जेल भेज दिया गया। दोनों नौशाद के भाई शकील की पत्नी और बेटी हैं। शकील समेत तीन अन्य फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

पिपरी थाना प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मी निलंबित
एयरफोर्स स्टेशन जैसे संवेदनशील इलाके में भारी-भरकम विस्फोटक जमा होने के मामले में पुलिस पर भी कार्रवाई हुई। आईजी अजय कुमार मिश्र ने समय रहते कार्रवाई न करने पर पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह, चायल चौकी इंचार्ज अमित द्विवेदी, चरवा चौकी प्रभारी विनय सिंह, महगांव चौकी प्रभारी अजीत कुमार सिंह, सैनी चौकी प्रभारी अभिषेक गुप्ता, बिदांव चौकी प्रभारी मनीष पाल, तत्कालीन पिपरी थाना प्रभारी शिवचरण राम को निलंबित कर दिया है।
 
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सभी आरोपियों पर रासुका के तहत कार्रवाई होगी। इनकी संपत्तियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के साथ अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया जा रहा है।- डॉ. अमित पाल, डीएम
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