कोटा मंडल के नागदा के पास रविवार तड़के त्रिवेंद्रम-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में हुई अग्नि दुर्घटना के बाद उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। रेलवे ने भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे रेल नेटवर्क में कोचों की अग्नि सुरक्षा प्रणालियों और परिचालन प्रोटोकॉल की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है।
रविवार सुबह लगभग 05:15 बजे जब ट्रेन संख्या 12431 त्रिवेंद्रम-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस नागदा के पास से गुजर रही थी, तभी उसके पीछे के दो कोच में अचानक आग लग गई। सुबह के वक्त हुए इस हादसे से यात्रियों में हड़कंप मच गया, लेकिन रेलवे की मुस्तैदी और त्वरित एक्शन की वजह से समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया और एक बड़ा हादसा बच गया।
इस घटना से सबक लेते हुए उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज, आगरा और झांसी मंडल में अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी ट्रेनों के कोचों की नए सिरे से गहन जांच करने का निर्णय लिया है। इसके तहत ट्रेनों में लगे फायर एक्स्टिंग्विशर, इलेक्ट्रिकल वायरिंग और इमरजेंसी एग्जिट की बारीकी से चेकिंग की जाएगी ताकि तकनीकी खामियों को दूर किया जा सके।
रेलवे बोर्ड के निर्देश पर पूरे देश के रेल नेटवर्क का एहतियाती ऑडिट भी होगा, ताकि यात्रियों का सफर पूरी तरह सुरक्षित और बाधा रहित बनाया जा सके। एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।