पत्नी को घर में न पाकर परिवार के सभी लोग आस-पड़ोस में उसकी तलाश करने निकले। तलाश के दौरान उन्हें घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर काली नदी पुल पर कुछ सामान मिला। पुल पर सुगढ़वती की चप्पल पड़ी हुई थी। साथ ही, घर की चाबी का गुच्छा भी वहीं मिला।
शाम के समय हंसी-खुशी सुघड़वती ने खीर-पूड़ी बनाकर परिजन को खिलाया। इसके बाद बातें करते हुए सभी परिजन रात में सो गए। सुबह उठे तो सुघड़वती घर पर नहीं मिली। तलाश करने पर गांव से 100 मीटर दूर काली नदी पुल के किनारे उनकी चप्पल और घर की चाबियों को गुच्छा पड़ा मिला। मामला अकराबाद क्षेत्र अंतर्गत दही बेचा सिकंदरपुर का है।
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काली नदी में कूदने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों के जरिये दिन भर काली नदी में अभियान चलाया। इस दौरान नदी में मगरमच्छ के दिखाई देने पर कुछ देर के लिए अभियान थम गया। बाद में शाम पांच बजे तक गोताखोरों ने नदी के पानी में महिला की तलाश की लेकिन पता नहीं चल सका।
गांव दही बेचा सिकंदरपुर निवासी चंद्रभान सिंह ने बताया कि शनिवार की शाम उनकी पत्नी सुघड़वती (50) ने खुखीर-पूड़ी बनाई थी। भोजन कर सभी परिजन रात में सो गए। उनकी पत्नी प्रतिदिन सुबह चार बजे जगने के साथ आवाज लगाकर सभी परिजन को जगाती थी लेकिन रविवार की सुबह ऐसा नहीं हुआ। परिवार के अन्य लोग जब जगे तो उनकी पत्नी घर पर नहीं थी। आसपास तलाश करने पर भी पता नहीं चला।
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बाद में घर से करीब 100 मीटर दूर काली नदी के पुल पर सुघड़वती की चप्पल और घर की चाबी का गुच्छा पड़ा मिला। काली नदी में कूदने की आशंका पर पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज मिश्रा ने बताया कि महिला के परिजन ने डॉयल 112 पर सूचना दी थी। रेस्क्यू टीम को बुलाकर नदी में महिला की तलाश कराई जा रही है।
रेस्क्यू टीम को नदी में दिखाई पड़ा मगरमच्छ
रविवार की दोपहर जब काली नदी में महिला की खोज के लिए स्पेशल रेस्क्यू टीम नाव के जरिये नदी में उतरी तभी दूसरे किनारे पर झाड़ियों में छिपा बैठा मगरमच्छ नदी के बीचों-बीच आ गया। उसे देखकर लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद मगरमच्छ नदी में आगे बढ़ गया।