खैर मंडी पर खड़े धान से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली
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पहले पैदावार कम... अब बारिश बढ़ा रही मुश्किल
धनीपुर मंडी में बरौली से धान लेकर पहुंचे किसान रामसिंह, जवां के मानसिंह, जसपाल, कर्म सिंह, अमर सिंह आदि किसानों ने कहा कि धान की फसल लेकर देर रात अनाज मंडी आए थे। सुबह करीब चार बजे तक मौसम साफ था तो धान को ट्रॉली से नीचे उतार दिया। अचानक सुबह पांच बजे बारिश होने लगी, इससे खुले में रखा धान भीग गया। मनोज कुमार, राजवीर ने बताया कि धान के ढेर को रात्रि के समय तिरपाल से ढक दिया, लेकिन बारिश का पानी तिरपाल के नीचे से अंदर पहुंच गया जिससे धान भीग गया। नमी होने के कारण व्यापारी धान की खरीद नहीं कर रहे हैं या फिर काफी कम कीमत लगा रहे हैं। कम में बेचने पर काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। आढ़तियों का दावा है कि अकेले धनीपुर मंडी में ही 80 करोड़ रुपये से अधिक का धान भीगा है। पूरे जिले में नुकसान 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।
भीगने के बाद खरीद भाव 400 रुपये तक गिरा
बारिश के बाद मंडी में धान के भाव में भी गिरावट आ गई। रेट में 400 रुपये क्विंटल से ज्यादा की कमी देखी गई। किसानों के अनुसार, शनिवार तक धान की 4375 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीद हो रही थी जो सोमवार को घटकर 3800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई। बारिश के कारण धनीपुर मंडी में दोपहर बाद तक धान की तौल नहीं हो पाई, जिससे जगह-जगह लगे धान के ढेर उठ नहीं पाए। किसानों ने मंडी का गेट बंद कराने व धान की बोली बंद कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। किसी तरह थाना महुआखेड़ा, गांधीपार्क पुलिस व मंडी समिति के अधिकारियों ने पहुंचकर उन्हें शांत कराया। इसके बाद बोली की प्रक्रिया व धान की खरीद शुरू हो सकी।
इनका कहना है
मंडी सचिव मुकेश त्रिपाठी का कहना है कि मंडी में रविवार को साप्ताहिक बंदी के कारण खरीदारों ने अपने माल की लोडिंग कराई है। सुबह बारिश के चलते 11 बजे तक किसानों का धान नहीं खरीदा जा सका। इसके बाद बोली की प्रक्रिया के साथ खरीद शुरू कराई गई है। उन्होंने बताया कि माल के उठान को लेकर मंगलवार को मंडी को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
बारिश के पानी में धान भीगा, सुखाने में लगे किसान
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बोले किसान
धान बेचने के लिए मंडी आए थे लेकिन सुबह हुई बारिश के कारण धान भीग गया और बिक नहीं सका। धान के रेट भी 400-500 रुपये प्रति क्विंटल तक कम हो गए। इससे एक बीघा धान के हिसाब से 1200 रुपये से 1500 रुपये तक का नुकसान हुआ है।-नरेश पाल सिंह
धान बेचने के लिए रविवार रात मंडी में आया था। तिरपाल से ढकने के बावजूद धान भीग गया। इसके बाद भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल तक कम हो गया है। बारिश के कारण धान न बिकने से लग रहा है कि अब रात भर यही रुकना होगा।-टीकम सिंह
बारिश से धान भीग गया है। अब इसे सूखने में समय लगेगा। अब मजबूरी में नमी कम होने और धान की सही दर पर बिक्री होने तक कितना इंतजार करना पड़ेगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।-राम भरोसे
किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से धान उतारने के लिए भी जगह नहीं मिल रही है। ऐसे में किसान अपनी ट्रॉलियों में ही धान रखने को मजबूर हैं। यदि धान का उठान तेजी से होता तो भीगने की नौबत नहीं आती।-रिंकू सिंह
धान की आवक ढाई लाख क्विंटल के पार, पिछले साल से करीब 42% ज्यादा
धनीपुर मंडी में धान की आवक ने रफ्तार पकड़ ली है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में अलीगढ़ मंडल की मंडी समितियों में धान की प्राथमिक आवक बढ़कर 26,25,697 क्विंटल तक पहुंच गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 18.48 लाख क्विंटल था। इस तरह एक साल में आवक करीब 42 प्रतिशत बढ़ गई है। धान की आवक के मामले में एटा जिला मंडल में सबसे आगे है। यहां 5.53 लाख क्विंटल धान मंडियों में पहुंचा है। अलीगढ़ में 5.06 लाख क्विंटल, हाथरस में 3.51 लाख क्विंटल और कासगंज में 2.45 लाख क्विंटल धान की आवक दर्ज की गई। डीडी मंडी राजेश गुप्ता के अनुसार इस बार धान के औसत भाव में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। अलीगढ़ में पिछले वर्ष का औसत भाव 3000 रुपये प्रति क्विंटल था। इस वर्ष धान का औसत भाव 3650 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है। इस वर्ष न्यूनतम भाव 3250 और अधिकतम 4375 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है।
खेतों में भी रुकी धान की कटाई
बार बारिश का असर मंडियों तक सीमित नहीं रहा। जिले के कई क्षेत्रों में खेतों में खड़ी धान की फसल की कटाई भी प्रभावित हुई है। बारिश के बाद खेतों में नमी बढ़ने और मिट्टी गीली होने के कारण कंबाइन मशीनों का संचालन मुश्किल हो गया है। अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को अब खेत सूखने का इंतजार करना होगा। कटाई में देरी का असर आने वाले दिनों में मंडियों में धान की आवक पर भी पड़ सकता है। वहीं, खेत में खड़ी फसल में अधिक नमी रहने से दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने और मंडी में नमी के निर्धारित मानकों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।
कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें किसान
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए किसान कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर तिरपाल से ढकें। बारिश के दौरान कटाई रोकें और जलभराव से बचने के लिए उचित निकासी व्यवस्था करें। -अरुण चौधरी, उपनिदेशक कृषि
खैर धान मंडी में 10 करोड़ के नुकसान का अनुमान
सोमवार सुबह हुई बारिश से खैर कृषि उत्पादन मंडी समिति में बड़ी मात्रा में धान भीग गया। रविवार को मंडी में करीब 2.50 लाख धान के बोरे पहुंचे थे। सोमवार सुबह तक 10 प्रतिशत भी धान की उतराई और सौदे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। पूर्व मंडी अध्यक्ष हंबीर सिंह के अनुसार, बारिश से भीगने से करीब 20 प्रतिशत यानी करीब 10 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका है। सोमवार को मंडी का गेट बंद होने के कारण कई किसान बाहर ही खड़े रह गए थे। उनका धान बारिश में पूरी तरह भीग गया। इससे किसानों के नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
आज और कल बंद रहेगी खैर मंडी
सोमवार के बाद मंगलवार और बुधवार को भी खैर कृषि उत्पादन मंडी समिति बंद रहेगी। बुधवार को मंडी का साप्ताहिक अवकाश रहता है। लगातार तीन दिन मंडी बंद रहने से किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बेमौसम बारिश का असर मंडी में रखे धान तक सीमित नहीं है। खेतों में खड़ी धान, मक्का और बाजरा सहित अन्य फसलों को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों को चिंता है कि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो तैयार फसलों की गुणवत्ता और पैदावार दोनों प्रभावित हो सकती है।
इगलास मंडी में आज भी बंद रहेगा कारोबार
बेमौसम बारिश से मंडी में खरीदा गया लगभग पांच हजार बोरा धान भीग गया है। इस कारण मंडी कारोबारियों ने मंगलवार को धान की खरीद बंद रखने का निर्णय लिया है। मंडी के कारोबारी श्यामलाल अग्रवाल, अरुण पाराशर, विजय गोयल, अजय अग्रवाल, मनोज कुमार सिंह, कुलदीप सिंह ने कहा कि खुले में रखे पांच हजार बोरा धान भीग गया है। इसकी लोडिंग कराकर धान मिलों तक भिजवाने में दो दिन का समय लग जाएगा। इसको ध्यान में रखकर मंगलवार को मंडी में धान की खरीद नहीं की जाएगी, बुधवार को यदि मौसम सही रहा तो मंडी में खरीदारी होगी।
गभाना में तिरपाल से ढका धान
सोमवार सुबह की बारिश से मंडी में जलभराव हो गया और धान भीग गया। इस समय मंडी में करीब बीस हजार बोरे से अधिक धान पहुंच रहा था। सुबह साढ़े पांच बजे के करीब बारिश होते ही किसानों ने तिरपाल से धान को ढकना शुरू कर दिया। मंडी में खुले में रखे धान को भी तिरपाल से ढका गया। आढ़त संघ के अध्यक्ष शिवकुमार सिंह ने बताया कि बारिश के चलते सोमवार को धान की खरीद नहीं हो सकी।