नगर निगम ने शहर की 64 हजार स्ट्रीट लाइटों को सेंट्रल कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम (सीसीएमएस) से जोड़कर उन्हें पूरी तरह स्वचालित बना दिया है। अब स्ट्रीट लाइटें सूर्यास्त पर स्वतः जलेंगी और सूर्योदय पर बंद हो जाएंगी।
37.37 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के साथ अलीगढ़ ऑटोमेशन आधारित स्ट्रीट लाइट व्यवस्था लागू करने वाला प्रदेश का पहला नगर निगम बन गया है। बृहस्पतिवार को महापौर प्रशांत सिंघल और नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से इसका शुभारंभ किया।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि शहर की सभी लाइटों की 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी होगी और खराब लाइट की लोकेशन तुरंत सिस्टम पर दिखाई देगी। इसके लिए 1,432 सीसीएमएस और करीब 450 किलोमीटर केबल कॉरिडोर विकसित किया गया है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के अनुरक्षण पर प्रतिवर्ष आठ से नौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कार्यदायी संस्था को छह से आठ घंटे में खराब लाइटें ठीक करने के निर्देश दिए और देरी होने पर 50 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से जुर्माना और 98 प्रतिशत से कम लाइटें चालू मिलने पर अतिरिक्त आर्थिक दंड का प्रावधान बताया।
महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा कि इससे बेहतर रोशनी, ऊर्जा संरक्षण, त्वरित शिकायत निस्तारण और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। नागरिक हेल्पलाइन 1533 या अलीगढ़ नगर सेवा ऐप के माध्यम से स्ट्रीट लाइट संबंधी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
मौके पर पार्षद योगेश सिंघल, दीपक चौधरी, विनोद माहौर, योगेंद्र पाल सिंह, रामकिशोर, सद्दाम अशर्फी, आकिल, पूर्व पार्षद गुलफाम, अधिशासी अभियंता अजय कुमार सक्सेना आदि मौजूद रहे।