सीएचसी का परिसर सड़क के स्तर से करीब एक फीट नीचे है। बारिश होते ही यहां पानी भर जाता है। इससे मरीजों और तीमारदारों को अस्पताल आने-जाने में परेशानी होती है। स्वास्थ्यकर्मियों को भी आवाजाही में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
अलीगढ़ के गोंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का भवन जर्जर हो चुका है। दीवारों में पड़ी दरारों और छत से गिरते प्लास्टर के बीच यहां मरीजों का इलाज हो रहा है। रोजाना 200 से ज्यादा मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। ऐसे में जर्जर भवन मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है।
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वर्ष 1997-98 में बने स्वास्थ्य केंद्र के कई हिस्सों में प्लास्टर उखड़ चुका है। दीवारों पर काई भी जम गई है। लगातार नमी और रखरखाव की कमी से भवन की हालत खराब होती जा रही है। इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को भर्ती भी किया जाता है, जिससे सुरक्षा का सवाल और गंभीर हो जाता है। सीएचसी परिसर में लगी पानी की टंकी भी जर्जर हालत में है। उसके आसपास से गुजरने में मरीज, तीमारदार और स्वास्थ्यकर्मी हिचकते हैं।
सड़क से नीचे है परिसर
सीएचसी का परिसर सड़क के स्तर से करीब एक फीट नीचे है। बारिश होते ही यहां पानी भर जाता है। इससे मरीजों और तीमारदारों को अस्पताल आने-जाने में परेशानी होती है। स्वास्थ्यकर्मियों को भी आवाजाही में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
जल्द शुरू होगा मरम्मत कार्य
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विकास कुमार ने बताया कि केंद्र के भवन की मरम्मत के लिए बजट मिल चुका है। जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।