रामलीला आयोजन कमेटी के अलावा दूसरे गुट को भी बैठक में बुलाया गया। इस दौरान काली की शोभायात्रा निकालने के लिए दोनों गुटों में जमकर बहस हुई। अधिकारियों के हस्तक्षेप पर दोनों पक्ष शांत हुए।
रामलीला मंचन के बाद अब काली की शोभायात्रा निकालने को लेकर गुटबाजी तेज हो गई है। रामलीला कमेटी के दोनों गुट काली की शोभायात्रा का संचालन करने की अनुमति मांग रहे हैं। प्रशासन के स्तर पर कोई फैसला अभी नहीं हो सका है।
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दशहरा के दिन चंडौस कस्बे में काली की शोभायात्रा निकालने का प्रस्ताव है। 27 सितंबर को इसी संबंध में एसडीएम गभाना हरिश्चंद्र और सीओ गभाना संजीव तोमर की मौजूदगी में नौ सदस्यीय रामलीला आयोजन कमेटी के अलावा दूसरे गुट को भी बैठक में बुलाया गया। इस दौरान काली की शोभायात्रा निकालने के लिए दोनों गुटों में जमकर बहस हुई। अधिकारियों के हस्तक्षेप पर दोनों पक्ष शांत हुए।
इसके बाद रामलीला आयोजन समिति के सदस्य नाराजगी जताते हुए बैठक छोड़कर कोतवाली से बाहर निकल गए। अधिकारियों के बुलाने पर भी नहीं पहुंचे। इस पर एसडीएम व सीओ भी कोतवाली से चले गए। काली की शोभायात्रा कौन निकालेगा, इस पर कोई फैसला नही हो सका।
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आयोजन समिति का कहना है कि जो कमेटी रामलीला का मंचन कराती है, वही काली की शोभायात्रा निकालती है। यदि काली की शोभायात्रा निकालने की अनुमति प्रशासन नहीं देता वह रामलीला का मंचन बंद करा देंगे। सीओ संजीव तोमर ने कहा कि काली की शोभायात्रा निकालने पर कोई निर्णय नहीं हो सका। किसी कार्य दिवस में दोबारा दोनों पक्षों को बुलाया जाएगा। उसमें काली की शोभायात्रा निकालने की बात तय हो पाएगी।