इसी दौरान मौके पर पहुंचे आरपीएफ के एएसआई और कांस्टेबलों ने ट्रेन रुकने को चेन पुलिंग का मामला समझ लिया। महिला यात्री और उनके साथ मौजूद आशीष कुमार को ट्रेन में चढ़ने से रोकते हुए उन पर एक हजार रुपये जुर्माना लगा दिया। डिप्टी एसएस ने आरपीएफ कर्मियों को बताया कि ट्रेन चेन पुलिंग से नहीं, बल्कि उनके निर्देश पर रोकी गई है लेकिन आरपीएफ कर्मी नहीं माने।
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बहस के बाद आरपीएफ कर्मियों ने डिप्टी एसएस को बुरी तरह पिटाई लगाना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में आरपीएफ के कई जवान प्लेटफॉर्म पर गिरा-गिराकर पीट रहे हैं। इसके बाद घसीटते हुए आरपीएफ पोस्ट पर ले गए। घटना से प्लेटफॉर्म पर अफरातफरी मच गई। सूचना पर रेल अधिकारी पहुंचे और बीच-बचाव का प्रयास भी किया लेकिन विवाद शांत नहीं हुआ। इस दौरान हीराकुंड एक्सप्रेस भी कुछ देर तक स्टेशन पर खड़ी रही। सूचना मिलने पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। महिला यात्री ने जीआरपी थाने पर प्रार्थनापत्र देकर अपने बयान दर्ज कराए हैं। आरोप लगाया कि है कि आरपीएफ जवानों ने उनसे पैसे लेकर रसीद नहीं दी। इसी के बाद विवाद बढ़ा।
आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति में एएससी आगरा कैंट, एडीईई और एओएम को शामिल किया गया है। दूसरी ओर, एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बालकिशन, आरपीएफ कांस्टेबल जितेंद्र और बदन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद रेलवे नियमों के अनुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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