रक्षाबंधन पर घर पहुंचने की होड़ के चलते ट्रेनों में सीटों के लिए भारी मारामारी शुरू हो गई है। लंबी दूरी की ट्रेनों में स्लीपर से लेकर जनरल कोच तक यात्रियों की भीड़ से ठसाठस हैं ऐसे में कन्फर्म सीट मिलना बेहद मुश्किल है। रेलवे की ओर से तीन जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाने और कई स्टेशनों पर अस्थायी ठहराव देने के बावजूद यात्रियों को राहत नहीं मिल पा रही है।
बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे महाकौशल एक्सप्रेस आगरा कैंट के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंची। पहले से ही खचाखच भरे डिब्बों में चढ़ने के लिए यात्रियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। ट्रेन में कई यात्री दरवाजों पर लटककर सफर करने को मजबूर नजर आए। इन स्थितियों में स्लीपर कोच भी जनरल डिब्बों की तरह नजर आ रहे थे।
लंबी दूरी की प्रमुख ट्रेनों में 30 अगस्त तक कई श्रेणियों में नो रूम है। झेलम एक्सप्रेस में 28 अगस्त को सेकेंड, थर्ड एसी और स्लीपर में नो रूम है। 27 अगस्त को इनमें क्रमश: नो रूम, 26 और 39 वेटिंग है, जबकि 30 अगस्त को नो रूम, 26 और 32 वेटिंग है। दक्षिण एक्सप्रेस में 28 अगस्त को सेकेंड एसी में दो वेटिंग और थर्ड एसी व स्लीपर में नो रूम है।
30 अगस्त को क्रमश: एक, तीन और छह वेटिंग है। कर्नाटक एक्सप्रेस में 29 अगस्त को फर्स्ट, सेकेंड, थर्ड एसी और स्लीपर में क्रमश: 3, 14, 21 और 26 वेटिंग है। 30 अगस्त को यह 1, 7, 11 और 23 है। मालवा एक्सप्रेस में 28 अगस्त को सेकेंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर और थर्ड एसी इकोनॉमी में क्रमश: 9, 13, 59 और 12 वेटिंग है। 30 अगस्त को छह, 14, 40 और आठ वेटिंग है।
बता दें कि आगरा से रोज करीब 300 ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें पंजाब मेल, पातालकोट एक्सप्रेस, मुंबई राजधानी, चंबल एक्सप्रेस, श्रीधाम एक्सप्रेस, एपी एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, अहमदाबाद एक्सप्रेस, मंगला एक्सप्रेस, भोपाल शताब्दी और पुरी-योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस में वेटिंग बढ़ रही है। आगरा कैंट से करीब 48 हजार और आगरा फोर्ट से 23 हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। रेलवे के पीआरओ संजय कुमार गौतम ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।