डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में शनिवार को बीएससी कृषि तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने रिजल्ट में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। छात्र पहले कुलपति फिर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे। गैर मौजूदगी से गुस्साए छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक लापता, खोजने वाले को 11 रुपये इनाम के पोस्टर लगा दिए। पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू हुए हंगामे में शाम करीब 5 बजे तक कोई आश्वासन न मिलने से आक्रोशित छात्रों ने सहायक कुलसचिव संजय शर्मा को परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में ही बंद कर दिया। रात लगभग 9.45 बजे आरटीआई के तहत कॉपियों की जांच कराने के वादे पर धरना समाप्त कर दिया गया।
विश्वविद्यालय के कृषि तृतीय सेमेस्टर का परिणाम 27 अप्रैल को घोषित किया गया था। छात्रों का आरोप है कि इसमें किसी को अनुपस्थित, किसी को 1-2 नंबर से फेल दिखाया गया। आरोप है कि विद्यार्थी आशुतोष की कॉपी जांचने पर 35 से अधिक अंक मिल रहे हैं जबकि विश्वविद्यालय के मूल्यांकन में उसे मात्र 15 अंक दिए गए। परिणाम में सुधार के लिए छात्रों ने विवि के कई चक्कर काटे। 23 सितंबर को छात्रों ने विवि परिसर में धरना दिया तो कमेटी गठन कर परिणाम ठीक कराने का आश्वासन दिया गया मगर कुछ नहीं हुआ। छात्र अनुराग ने आरोप लगाया कि कई बार परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात का प्रयास किया गया लेकिन वो मिलते ही नहीं। शनिवार को जब छात्रों को एक बार फिर परीक्षा नियंत्रक के न मिलने से छात्रों ने लापता के पोस्टर लगा दिए।
पौने पांच घंटे तक सहायक कुलसचिव को बनाकर रखा बंधक
दोपहर 11 से शाम 4 बजे तक जब छात्रों की सुनवाई करने कोई नहीं पहुंचा तो उन्होंने सहायक कुलसचिव संजय शर्मा को परीक्षा नियंत्रक के कार्यालय में बंद कर दिया। एनएसयूआई प्रदेश महासचिव अंकुश गौतम का कहना है कि सहायक कुलसचिव के कार्यालय के कई चक्कर काटे फोन करने का भी प्रयास किया लेकिन उन्होंने भी उनकी समस्या नहीं सुनी। इसलिए हमने एआर संजय शर्मा को कमरे में बंद कर दिया। रात करीब पौने दस बजे एआर के कुलपति से वार्ता कर आरटीआई के तहत कॉपियों के जांचने के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया। अंकुश ने बताया कि छात्रों को आश्वासन दिया गया है कि उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन त्रुटिपूर्ण निकलने पर आरटीआई समेत मार्क्स चैलेंज की राशि छात्रों को रिफंड कर दी जाएगा।
शाम 5 बजे से विश्वविद्यालय के कार्यालय में बैठा रखा है। इनकी मांगे हैं सभी बीएससी एग्रीकल्चर के फेल विद्यार्थियों को पास कर दें। वह हम नहीं कर सकते, जो नियम है उसी को माना जाएगा। छात्रों की समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
-संजय शर्मा, सहायक कुलसचिव