डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में एक विभाग के प्रोफेसर पर अपनी ही शोध छात्रा को शादी का झांसा देकर याैन शोषण और मानसिक उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इसके विरोध में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने कुलपति को संबोधित ज्ञापन कुलसचिव को सौंपा।
परिषद ने मांग की है कि आरोपी प्रोफेसर को निलंबित किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए। शाम तक तथ्य और जांच के आधार पर प्रोफेसर को निलंबित भी कर दिया गया। परिषद ने पीड़ित छात्रा को सुरक्षा, मनोवैज्ञानिक सहयोग और न्यायिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग रखी है। प्रांत सह मंत्री पुनीत कुमार ने कहा कि यह घटना केवल एक छात्रा के साथ अन्याय नहीं, बल्कि शिक्षा जगत की आत्मा पर आघात है।
विद्यार्थी परिषद इकाई अध्यक्ष नितिन दुबे ने कहा कि शिक्षक का धर्म ज्ञान देना है, शोषण करना नहीं। ऐसे लोगों को विश्वविद्यालय से तत्काल बाहर किया जाना चाहिए ताकि परिसर की पवित्रता बनी रहे। इकाई उपाध्यक्ष दीक्षा चौधरी ने कहा कि यह संघर्ष हर उस बेटी की गरिमा का है जो विश्वास के साथ शिक्षा ग्रहण करने आती है। इस दौरान विभाग संगठन मंत्री रजत जोशी, कर्मवीर बघेल, दीपक कश्यप, सुमित शर्मा, सुब्रत हरदेनिया, आकाश शर्मा, शिवांग खंडेलवाल, गोविंद वार्ष्णेय आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।