आगरा में ताजमहल के आसपास सफाई व्यवस्था संतोषजनक न पाए जाने पर नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। नगर आयुक्त के औचक निरीक्षण में गंभीर खामियां सामने आने के बाद संबंधित सफाई एजेंसी पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही भविष्य में सुधार न होने की स्थिति में अनुबंध समाप्ति तक की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि नगर आयुक्त ने ताजमहल क्षेत्र एवं उसके आसपास सफाई कार्यों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि एजेंसी द्वारा किए जा रहे सफाई कार्य अत्यंत असंतोषजनक हैं और अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा।
निरीक्षण के दौरान फतेहाबाद रोड पर सड़क, डिवाइडर व फुटपाथ पर भारी मात्रा में जमी धूल, शिल्पग्राम रोड पर धूल और कूड़े का ढेर तथा जी-20 सेल्फी प्वाइंट से रमाडा होटल तक सड़क के दोनों ओर अत्यधिक लिटरिंग पाई गई। इसके अलावा सड़क किनारे स्थित खुले प्लॉटों में कूड़ा पड़ा मिला और कई स्थानों पर सीएंडडी वेस्ट खुले में पाया गया।
सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि आंतरिक गलियों में नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही, वहीं डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहन समय से नहीं पहुंच रहे हैं। स्ट्रीट स्वीपिंग भी नियमित नहीं की जा रही, जिसको लेकर नगर निगम को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।
इन सभी लापरवाहियों को गंभीर मानते हुए नगर निगम ने अनुबंध की शर्तों के तहत संबंधित फर्म पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही फर्म को निर्देश दिए गए हैं कि वह तत्काल डिप्लॉयमेंट प्लान (मैनपावर, मशीनरी, वाहन आदि का विवरण) प्रस्तुत करें और क्षेत्रवार समग्र सफाई कार्य योजना लिखित रूप में नगर निगम को उपलब्ध कराएं।
एसएनए ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक सुधार नहीं पाया गया, तो संबंधित फर्म के खिलाफ अग्रिम दंडात्मक कार्रवाई अथवा अनुबंध समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी फर्म की होगी। उन्होंने दो टूक कहा है कि ताजमहल जैसे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के आसपास सफाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।