आगरा। अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) के पुनर्निर्माण की मंजूरी शासन ने दे दी है। पीपीपी माॅडल (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) से इसका विकास किया जाएगा। टेंंडर भी हो चुका है। गाजियाबाद की मिडसन कंपनी कार्य करेगी। बन जाने पर यहां यात्रियों को हवाई अड्डे जैसा अनुभव मिलेगा।
विस्तृत सर्वे में भूमि, कब्जा, कोर्ट मामले, संरचना और जन-सुविधाओं की स्थिति का मूल्यांकन किया गया था। अब कागजी औपचारिकता में नक्शा और ढांचे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद आईएसबीटी को आधुनिक, बहुमंजिला और अत्याधुनिक सुविधाओं वाले नए स्वरूप में तैयार किया जाएगा। इसके अलावा ईदगाह और बिजलीघर बस अड्डे को भी नए रूप में विकसित करने की योजना है। इस पर भी काम शुरु हो चुका है। इससे पहले विलमार्ट कंपनी को यह कार्य मिला था, लेकिन परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी थी।
एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं
क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि आईएसबीटी को हवाई अड्डे की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। शासन से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। नक्शे को अंतिम रूप देकर तकनीकी टीम से स्वीकृत कराया जाना है। बस अड्डे में नीचे बेसमेंट, ऊपर बस संचालन और तीन से पांच मंजिल तक यात्री सुविधाओं वाली इमारत होगी। सभी सेवाओं को एक ही छत के नीचे लाया जाएगा ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इन बिंदुओं पर हुआ था सर्वे
भूमि का कुल क्षेत्रफल, भूमि पर कब्जे की स्थिति, कोई मामला कोर्ट में लंबित तो नहीं, स्टेशन की वर्तमान स्थिति, चहारदीवारी, वर्कशॉप और अतिक्रमण की स्थिति, जन सुविधाएं और मैन पावर की उपलब्धता पर रिपोर्ट तैयार की गई थी।
यात्रियों के लिए ये होंगी सुविधाएं
आधुनिक टॉयलेट, आरामदायक बेंच व कुर्सियां, आधुनिक रेस्तरां और कॉफी हाउस, मल्टीप्लेक्स, फूड प्लाजा, भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक साइनेज, स्नानागार, विश्राम कक्ष, मोबाइल चार्जिंग पाॅइंट, आधुनिक लाइटिंग आदि व्यवस्थाओं से यह सुसज्जित किया जाएगा।
यह है माैजूदा स्थिति
कुल संचालित बसें-500
अनुबंधित- 125
कुल कर्मचारी-700