उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन-2026 के लिए सोमवार को तीन केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया गया। 23 अक्तूबर के 95 फीसदी मतदान की तुलना में भारी गिरावट दर्ज की गई। प्रशासनिक सख्ती से तीनों बूथों पर आधे वोट ही पड़े। पुनर्मतदान के बाद सभी मतपत्रों को कड़ी सुरक्षा के बीच फिरोजाबाद रोड स्थित नवीन मंडी समिति स्थित स्ट्रांग रूम पहुंचा दिया गया है। मंगलवार को सुबह 8 बजे से मतगणना होगी।
सोमवार को हुए पुनर्मतदान में सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसडीएम और एसीपी स्तर के अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट और एडीएम और डीसीपी को जोनल मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई। कई थानों की पुलिस तैनात की गई। निर्वाचन प्रेक्षक अभिषेक प्रकाश, रिटर्निंग अधिकारी आयुक्त नगेंद्र प्रताप, जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल, डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार और डीसीपी ईस्ट अभिषेक अग्रवाल ने सैंया, खेरागढ़ एवं फतेहाबाद के मतदेय स्थलों का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
आंकड़ों के अनुसार, मतदेय स्थल संख्या-20 (तहसील परिसर खेरागढ़) में कुल 438 मतों में से सिर्फ 226 मत पड़े, जबकि 23 अक्तूबर को यहां 432 वोट डाले गए थे। मतदेय स्थल संख्या-21 (क्षेत्र पंचायत कार्यालय सैंया) में 948 में से 554 वोट पड़े जबकि पिछली बार यहां शत-प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं मतदेय स्थल संख्या-26 (क्षेत्र पंचायत कार्यालय फतेहाबाद) में भी 960 में से 563 मत पड़े जबकि 23 अक्तूबर को 849 वोट पड़े थे।
गड़बड़ी पर लिया गया पुनर्मतदान का फैसला
23 अक्तूबर को मतदान के दौरान इन तीनों बूथों पर बूथ कैप्चरिंग, धांधली और अन्य गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लगे थे। सैंया में शत-प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं, खेरागढ़ और फतेहाबाद में भी जमकर फर्जी वोट पड़े। मामले की शिकायत मिलने पर निर्वाचन आयोग ने जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से आयोग ने 23 अक्तूबर के मतदान को रद करते हुए 26 अक्तूबर को पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया था।
दिनभर रहा तनाव
मतदान के दौरान भाजपा और सपा के कार्यालय आमने-सामने ही बनने से दिनभर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। दिन में कई बार दोनों दलों के नेता-कार्यकर्ताओं में झड़प भी हुई। हालांकि पुलिस फोर्स की मौजूदगी ने मामला संभाल लिया। सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा नेताओं पर फर्जी वोटिंग करने के आरोप लगाए। वहीं एक शिक्षक के पहचान संबंधी दस्तावेज स्पष्ट नहीं होने पर पीठासीन अधिकारी ने वापस कर दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मतदान केंद्र पहुंचे भाजपा नेता मेघराज सोलंकी की पुलिस से तीखी बहस हो गई। इसके बाद शिक्षक का मतदान कराया गया।
पूर्व प्रधानाचार्य ने डाला चैलेंज वोट
जीजीआईसी खेरागढ़ के पूर्व प्रधानाचार्य नारायण प्रसाद शर्मा दोपहर करीब एक बजे वोट डालने पहुंचे। पता चला कि उनका वोट किसी की और ने डाल दिया था। जानकारी होने पर शिक्षक ने नाराजगी जताते हुए मौजूद अधिकारियों से शिकायत की। कहा कि मैं अपना वोट डालकर ही जाऊंगा। विवाद के बाद पीठासीन अधिकारी ने उच्चाधिकारियों से बात कर उनका वोट डलवाया। वहीं, मतदाता सत्यभान सिंह ने आरोप लगाया कि वह सुबह मतदान करने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनका वोट पहले ही पड़ चुका है। उन्होंने भी चैलेंज वोट डाला।
भाजपा मंत्री, विधायक और संगठन के नेता जमे रहे
पुनर्मतदान के दौरान भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। भाजपा के बस्ता स्थलों पर सुबह से ही मंत्रियों-विधायकों का जमावड़ा रहा। खेरागढ़ में मंत्री धर्मवीर प्रजापति, सांसद राजकुमार चाहर, जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनिया, विधायक धर्मपाल सिंह, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, घनश्याम लोधी, चेयरमैन सुधीर गर्ग गुड्डू, उपेंद्र सिंह, सत्यदेव दुबे आदि डटे रहे।
चप्पे-चप्पे पर रही फोर्स
प्रशासन ने मतदान के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। मोबाइल, पेन, घड़ी, पानी की बोतल और गुटखा जैसी वस्तुएं अंदर ले जाने पर रोक रही। मतदान केंद्र के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते बंद कर दिए गए। केवल मतदाताओं को ही आने-जाने की अनुमति दी गई। मतदान केंद्र की ओर आने वाली गलियों को बल्ली और ट्रैक्टर लगाकर बंद किया गया। आसपास के मकानों के दरवाजे भी बंद करा दिए गए, लोग घरों से झांकते नजर आए। मतदान केंद्र छावनी में तब्दील रहा। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के कारण आसपास के लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ा।
फतेहाबाद और सैंया में उलझे लोग
पुनर्मतदान के दौरान बूथ के बाहर फर्जी वोट डालने के आरोप पर सपा एजेंट महेश सिसौदिया और एक मतदाता में नोकझोंक हुई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों को समझाकर मामला शांत कराया। सैंया मतदान केंद्र पर मतदान के दौरान भाजपा और सपा प्रत्याशियों के समर्थक दो बार आमने-सामने आ गए। पहले दोपहर करीब 12 बजे मतदान केंद्र के बाहर भाजपा और सपा समर्थकों के बीच नोकझोंक हुई। मौके पर पहुंचीं एसीपी श्वेता वर्मा ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को वापस भेज दिया। इसके बाद दोपहर करीब तीन बजे दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए लेकिन पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया ।