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UP: रोज कितने सैलानी देखेंगे ताजमहल, IIT दिल्ली करेगी तय; सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ASI ने उठाया कदम

Sun, 03 May 2026 11:07 AM IST
Arun Parashar अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

394 साल पहले बनाए गए ताजमहल में सैलानियों की संख्या तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने विजन डॉक्यूमेंट वाले मामले में एएसआई को निर्देश दिए थे। इसके बाद आईआईटी दिल्ली की टीम से सर्वे कराने का फैसला लिया गया है।
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ताजमहल - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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यूनेस्को की विश्व धरोहर में शुमार ताजमहल में पर्यटकों की भारी भीड़ से हो रहे नुकसान को देखते हुए सैलानियों की संख्या तय की जाएगी। हर दिन, हर घंटे ताजमहल में कितने सैलानी एक साथ रहें, इसका निर्धारण इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) दिल्ली के विशेषज्ञ करेंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने विजन डॉक्यूमेंट मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आईआईटी दिल्ली से सर्वे कराने का फैसला किया है। कुछ ही दिनों में आईआईटी के विशेषज्ञ ताजमहल का दौरा करके कैरिंग कैपेसिटी तय करने के लिए अध्ययन शुरू कर देंगे।
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ताजमहल में हर दिन 25 से 30 हजार सैलानी पहुंचते हैं, जबकि शनिवार-रविवार या अवकाश के दिनों में इनकी संख्या 50 हजार से ज्यादा पहुंच जाती है। इनमें 15 वर्ष तक की उम्र वाले पर्यटकों का प्रवेश निशुल्क होने के कारण यह संख्या और ज्यादा हो जाती है। 394 साल पहले बनाए गए ताजमहल में सैलानियों की संख्या तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने विजन डॉक्यूमेंट वाले मामले में एएसआई को निर्देश दिए थे। हालांकि, राष्ट्रीय पर्यावरणीय अभियांत्रिकी शोध संस्थान (नीरी) 11 साल पहले वर्ष 2015 में भीड़ प्रबंधन अैर कैरिंग कैपेसिटी (वहन क्षमता) के लिए रिपोर्ट दे चुका है, लेकिन अब सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) की सिफारिश के बाद फिर से आईआईटी दिल्ली से अध्ययन कराया जाएगा।

 

मकबरे में भीड़ रोकने के लिए लगाया था शुल्क
एएसआई ने ताजमहल में नीरी की रिपोर्ट के बाद मकबरे पर पर्यटकों की भीड़ नियंत्रित करने के लिए 10 दिसंबर 2018 को 200 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लागू कर दिया था। इससे मकबरे पर हर दिन ताज में आने वाले सैलानियों में से महज 10 फीसदी ही पहुंच रहे हैं। दो से तीन हजार पर्यटक ही 200 रुपये का टिकट खरीदते हैं। तीन घंटे का स्लॉट तय किया गया। इससे ज्यादा देर रुकने पर टिकट दोबारा लेने का प्रावधान किया गया है। नीरी के बाद आईआईटी के अध्ययन में नए सिरे से पर्यटकों की संख्या तय की जाएगी।

 

नीरी ने की थीं ये सिफारिशें
- ताज में एक घंटे में छह हजार से कम पर्यटकों को ही प्रवेश दिया जाए।
- स्मारक में अधिकतम 90 मिनट तक रुकने की अनुमति दी जाए।
- 9 हजार से ज्यादा पर्यटक होने से पहले ही अतिरिक्त पर्यटक बाहर किए जाएं
- ताज में अंदर कितने सैलानी हैं, ये बताने के लिए इलेक्ट्राॅनिक बोर्ड लगाएं।

 
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जल्द आएगी टीम
ताजमहल में पर्यटकों की संख्या मकबरे और स्मारक परिसर में एक बार में कितनी हो, इसके लिए आईआईटी दिल्ली से संपर्क किया गया है। जल्द ही टीम आकर अध्ययन शुरू कर देगी। -डॉ. स्मिथा कुमार, अधीक्षण पुरातत्वविद


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