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दोस्ती, प्यार और फिर ब्लैकमेलिंग: इस हसीन महिला के गैंग में सिपाही और नेता भी शामिल, अमीरों से एंठते हैं रकम

Thu, 04 Dec 2025 08:35 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

नाम बदल कर युवती दोस्ती कर युवक को ब्लैकमेल करती थी। रुपये देने में आनाकानी करने पर रकम ऐंठने का काम सिपाही रियाज और पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रवेश भारद्वाज समझौता कराकर करते थे। ताजगंज रकम का एक चौथाई ही युवती को दिया जाता था।
 
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आरोपी महिला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा पुलिस ने मंगलवार को लोगों से दोस्ती के बाद स्पाई कैमरा एप से आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप में मैनपुरी की काजल और बाह के गणेश को गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेश कर उन्हें जेल भेजा गया। युवती बाह क्षेत्र में अपने मामा के पास रहती थी और ग्रेजुएट थी। पूछताछ में युवती ने बताया था कि वह ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान दो लाख रुपये हार गई थी। कर्ज चुकाने के लिए परेशान होकर कुछ भी करने को तैयार थी।
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इसी दौरान उसकी बातचीत बाह के रहने वाले प्रवेंद्र से हुई। उसने कानपुर में तैनात सिपाही रियाज और प्रवेश भारद्वाज से मिलवाया और लोगों को सेक्स्टार्शन कर रकम ऐंठने का लालच दिया। प्रवेंद्र पहले इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अमीर लोगों का पता लगाता था। उनके मोबाइल नंबर का पता लगाता था। शिकार तय होने के बाद युवती उनको मिस्ड काॅल करती और काॅल बैक करने पर लुभावनी बातों से जाल में फंसाती थी।

 

होटल या अन्य सुरक्षित स्थान पर संबंध बनाने के दौरान स्पाई कैमरा एप से आपित्तजनक वीडियो बनाकर गैंग के साथियों को देती थी। इसके बाद रियाज पुलिस का रौब दिखाकर डराता था और प्रवेश अपना राजनीतिक बैकग्राउंड दिखाकर समझौता कराने के नाम पर मोटी रकम ऐंठ लेता था। पुलिस ने रियाज के नंबर पर संपर्क किया पर नंबर बंद मिला।

 

अब कानपुर पुलिस को उसके बारे में जानकारी दी गई है। युवती के इंस्टाग्राम और फेसबुक खातों से उसे फाॅलो किए जाने वालों के बारे में पता किया जा रहा है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

 
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सामने नहीं आते थे पीड़ित
पुलिस ने बताया कि गैंग बाह और शहर के क्षेत्रों के साथ पूर्वी जोन में भी कई लोगों को शिकार बनाया था। रुपये नहीं मिलने पर युवती नाम और पता बदल कर शिकायत करती थी। पीड़ित को पुलिस से शिकायत मिलने की जानकारी होते ही बदनामी के डर से वह रुपये दे देते थे और शिकायत नहीं करते थे।
 
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