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Agra: एसएन की डायलिसिस यूनिट हुई फुल, नए मरीजों का पंजीकरण बंद; वेटिंग में 30 मरीज

Tue, 09 Jun 2026 09:12 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

एसएन मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट मरीजों के बढ़ते दबाव के कारण पूरी क्षमता से चल रही है। 30 मरीज वेटिंग में होने से नए मरीजों का पंजीकरण फिलहाल बंद कर दिया गया है, जबकि गंभीर मरीजों की रात में भी डायलिसिस की जा रही है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट फुल चल रही है। रोजाना 60 से अधिक मरीजों की डायलिसिस हो रही है। बढ़ते मरीजों को देखते हुए रात में भी डायलिसिस करनी पड़ रही है। अभी 30 मरीज वेटिंग में हैं। इससे नए मरीजों का पंजीकरण बंद कर दिया गया है।
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सुपर स्पेशियलिटी सेंटर किडनी रोग विभाग के पास डायलिसिस की 20 मशीन हैं। इसमें से 17 डायलिसिस यूनिट में संचालित हैं। दो मशीनें आईसीयू और एक मशीन सर्जरी विभाग में है। रोजाना 60 से अधिक मरीजों की डायलिसिस हो रही है। तीन शिफ्टों में 17 मशीनों से 51 लोगों की ही डायलिसिस हो रही है। बढ़ते हुए मरीजों के लिए रात में भी डायलिसिस कराई जा रही है। इसके बावजूद मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

किडनी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि निशुल्क सुविधा होने के कारण यूनिट फुल चल रही है। तीन शिफ्ट के बाद हालत खराब वाले मरीजों की रात में भी डायलिसिस कर रहे हैं। वेटिंग भी है, ऐसे में नए मरीजाें का पंजीकरण फिलहाल नहीं कर रहे हैं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि निशुल्क डायलिसिस सुविधा होने के कारण आसपास के जिलों से भी मरीज आ रहे हैं। मशीनें और खरीदने की तैयारी है।
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मरीजों की हर महीने 20 हजार रुपये की बचत
विभागाध्यक्ष ने बताया कि एसएन में राशनकार्ड दिखाने पर डायलिसिस निशुल्क हो रही है। यहां मरीजों को दवाएं भी निशुल्क मिल रही हैं। किडनी के मरीजों को हर महीने 8-12 बार डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। ऐसे में निजी सेंटरों पर करीब हर महीने 20 हजार रुपये से अधिक खर्च होते हैं।
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